राजकोट में पत्रकार की कथित प्रताड़ना का आरोप पुलिस पर, मानवाधिकार आयोग ने डीजीपी को जारी किया नोटिस

युगवार्ता    08-Apr-2026
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नई दिल्ली, 08 अप्रैल (हि.स.)। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने बुधवार को गुजरात के राजकोट में एक पत्रकार को कथित तौर पर अवैध हिरासत में लेने और प्रताड़ना के मामले में स्वत: संज्ञान लिया है। आयोग ने इसे मानवाधिकार उल्लंघन का गंभीर बताते हुए राज्य के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को नोटिस जारी किया है।

एनएचआरसी ने अनुसार, आयोग ने डीजीपी, गुजरात से दो सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। इस रिपोर्ट में मामले की जांच की वर्तमान स्थिति और पीड़ित पत्रकार के स्वास्थ्य की जानकारी शामिल करने को कहा गया है।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, 22 मार्च को राजकोट क्राइम ब्रांच पुलिस ने एक पत्रकार को कथित तौर पर अवैध तरीके से हिरासत में लिया। आरोप है कि पुलिस ने उसके साथ अमानवीय व्यवहार किया, उसे निर्वस्त्र कर उल्टा लटकाया गया और शारीरिक यातनाएं दी गईं, जिससे उसे गंभीर चोटें आईं। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि पुलिस ने राजकोट सिविल अस्पताल के स्टाफ पर दबाव डालकर पीड़ित को भर्ती न करने की कोशिश की। साथ ही पत्रकार को झूठे आपराधिक मामलों में फंसाने और उसका घर गिराने की धमकी भी दी गई।

बताया गया है कि पीड़ित एक ऑनलाइन मीडिया प्लेटफॉर्म चलाता है और 23 मार्च को उसे राजकोट सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया था। 29 मार्च को प्रकाशित मीडिया रिपोर्ट के आधार पर आयोग ने इस मामले में संज्ञान लिया है। एनएचआरसी ने कहा कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह मानवाधिकारों का गंभीर उल्लंघन है और इस पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुशील कुमार

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