कॉम्पोजिट स्लीपर और एआई निगरानी से रेलवे करेगा सुरक्षा मजबूत

युगवार्ता    09-Apr-2026
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कंक्रीट पुल पर टर्नआउट्स (फाइल फोटो)


नई दिल्ली, 09 अप्रैल (हि.स.)। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने गुरुवार को यहां रेल यात्रा को अधिक सुरक्षित और आरामदायक बनाने के लिए कई बड़े फैसले लिए हैं। इनमें रेलवे ट्रैक पर आधुनिक कॉम्पोजिट स्लीपर लगाने और पटरियों की निगरानी के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) तकनीक का इस्तेमाल शामिल है।

रेल मंत्रालय ने बताया कि रेल मंत्री ने अधिकारियों के साथ हुई समीक्षा बैठक में तय किया है कि ब्रिज एप्रोच, पॉइंट्स और क्रॉसिंग पर अब पुराने लोहे और कंक्रीट के स्लीपरों की जगह कॉम्पोजिट स्लीपर लगाए जाएंगे। ये स्लीपर हल्के, मजबूत और ज्यादा वजन सहन करने वाले हैं। इससे ट्रेन के गुजरने पर झटके कम लगेंगे और यात्रियों को ज्यादा आराम मिलेगा। साथ ही, इन्हें लगाना और मेंटेन करना भी आसान होगा।

अब रेलवे ट्रैक की जांच के लिए एआई तकनीक का उपयोग किया जाएगा। निरीक्षण गाड़ियों में खास उपकरण लगाए जाएंगे, जो पटरियों और उनके नीचे की स्थिति पर नजर रखेंगे। इससे किसी भी खराबी का पहले ही पता लगाया जा सकेगा और दुर्घटनाओं को रोका जा सकेगा।

ट्रैक की बेहतर जांच के लिए ‘ग्राउंड पेनिट्रेशन रडार’ तकनीक का उपयोग किया जाएगा। यह तकनीक पटरियों के नीचे की स्थिति को स्कैन कर छिपी हुई समस्याओं को सामने लाने में मदद करेगी।

रेलवे ने पटरियों की वेल्डिंग को मजबूत बनाने के लिए ‘मैग्नेटिक पार्टिकल टेस्टिंग’ तकनीक अपनाने का भी फैसला किया है। इससे वेल्डिंग में मौजूद छोटी दरारों और खामियों का आसानी से पता लगाया जा सकेगा।

रेल मंत्रालय का कहना है कि इन फैसलों से यात्रियों की सुरक्षा बढ़ेगी, सफर ज्यादा आरामदायक होगा और रेलवे के रखरखाव में भी सुधार आएगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुशील कुमार

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