
देहरादून, 13 मई (हि.स.)। उत्तराखंड की विश्वप्रसिद्ध चारधाम यात्रा इस वर्ष नए रिकॉर्ड की ओर बढ़ती दिखाई दे रही है। यात्रा शुरू होने के महज 25 दिनों के भीतर ही श्रद्धालुओं की संख्या 12 लाख 60 हजार के पार पहुंच गई है। विशेष रूप से केदारनाथ धाम में श्रद्धालुओं का उत्साह लगातार बढ़ रहा है, जहां 22 दिनों में ही पांच लाख से अधिक भक्त दर्शन कर चुके हैं।
राज्य सरकार यात्रा को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाए रखने के लिए लगातार निगरानी कर रही है। उच्च हिमालयी क्षेत्रों में मौसम की संवेदनशीलता को देखते हुए मुख्यमंत्री धामी ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि प्रतिकूल मौसम की स्थिति में यात्रियों की सुरक्षा और सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जाए।
19 अप्रैल से शुरू हुई यात्रा में 13 मई तक कुल 12,60,478 श्रद्धालु चारों धामों के दर्शन कर चुके हैं। इनमें सबसे अधिक 5,23,582 श्रद्धालु केदारनाथ धाम पहुंचे हैं। इसके अलावा बद्रीनाथ धाम में 3,24,081, गंगोत्री में 2,05,425 और यमुनोत्री में 2,07,390 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए।
बुधवार को एक ही दिन में 80,401 श्रद्धालुओं ने चारधाम में दर्शन किए। इनमें केदारनाथ में सर्वाधिक 32,423 यात्री पहुंचे, जबकि बद्रीनाथ में 21,260, यमुनोत्री में 13,403 और गंगोत्री धाम में 13,315 श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना की।
कठिन पैदल मार्ग और उच्च हिमालयी परिस्थितियों के बावजूद केदारनाथ यात्रा लगातार नए रिकॉर्ड बना रही है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट के तहत केदारनाथ धाम में हुए पुनर्निर्माण कार्यों और राज्य सरकार की व्यवस्थाओं का असर यात्रियों की बढ़ती संख्या में दिखाई दे रहा है।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2022 से 2025 तक चार वर्षों में कुल 69,45,487 श्रद्धालु केदारनाथ धाम पहुंच चुके हैं। इनमें वर्ष 2022 में 15,64,248, वर्ष 2023 में 19,58,863, वर्ष 2024 में 16,53,581 और वर्ष 2025 में 17,68,795 श्रद्धालुओं ने बाबा केदार के दर्शन किए।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि चारधाम यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। श्रद्धालुओं को सुगमता से दर्शन कराने के लिए स्लॉट प्रबंधन और भीड़ नियंत्रण प्रणाली को और प्रभावी बनाया गया है। यात्रा मार्गों पर रियल टाइम डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम का उपयोग किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि केदारनाथ धाम में पुनर्निर्माण कार्यों के बाद धाम दिव्य और भव्य स्वरूप में दिखाई दे रहा है। पैदल यात्रा मार्ग को बेहतर बनाए जाने से यात्रियों को काफी राहत मिली है। साथ ही मौसम की निगरानी के लिए विशेष तंत्र भी सक्रिय किया गया है, ताकि किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय