अहमदाबाद-धोलेरा के बीच 34 मिनट में सफर पूरा करेगी 220 की रफ्तार वाली ट्रेन

युगवार्ता    13-May-2026
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नई दिल्ली, 13 मई (हि.स.) गुजरात में अहमदाबाद के सरखेज से नवविकसित औद्याेगिक शहर धाैलेरा तक सेमीहाईस्पीड रेलवे लाइन पर नई स्वदेशी हाईस्पीड ट्रेन अपना सफर करीब 34 मिनट में पूरा कर लेगी।

सरखेज से धाैलेरा तक 134 किलाेमीटर की एलिवेटेड लाइन काे अहमदाबाद धाैलेरा राजमार्ग के किनारे 30 मीटर की जगह पर एलिवेटेड काॅरीडाेर में बनाया जाएगा जिसके निर्माण में बुलेट ट्रेन निर्माण विधियाें को भी अपनाया जाएगा।

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने यहां बताया कि यदि यह प्रयाेग सफल रहा ताे देश के अन्य रेलमार्गाें के उन्नयन का भी काम इसी विधि से किया जाएगा।

उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र माेदी की अध्यक्षता में बुधवार काे यहां केंद्रीय मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीईए) की बैठक में अहमदाबाद (सरखेज) से धोलेरा के बीच देश की पहली सेमी हाई-स्पीड डबल रेल लाइन परियोजना को मंजूरी दी गई। इस परियोजना की अनुमानित लागत करीब 20,667 करोड़ रुपये है और इसे वर्ष 2030-31 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

वैष्णव ने संवाददाता सम्मेलन में कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि रेल मंत्रालय की यह परियोजना भारतीय रेल की पहली सेमी हाईस्पीड रेल परियोजना होगी, जिसे स्वदेशी तकनीक के आधार पर विकसित किया जाएगा। परियोजना के तहत करीब 134 किलोमीटर नई रेल लाइन बिछाई जाएगी।

उन्होंने कहा कि यह परियोजना दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के तहत बेहद महत्वपूर्ण है। धाैलेरा को सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स, एविएशन कंपोनेंट और सोलर सेल निर्माण के बड़े हाईटेक हब के रूप में विकसित किया जा रहा है। धोलेरा में अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा भी बनाया जा रहा है, जहां से यूरोप के लिए उड़ानें अरब सागर और मध्य-पूर्व के रास्ते संचालित की जा सकेंगी।

वैष्णव ने कहा कि परियोजना से अहमदाबाद, धोलेरा विशेष निवेश क्षेत्र (एसआईआर), आगामी धोलेरा एयरपोर्ट और लोथल राष्ट्रीय समुद्री विरासत परिसर (एनएचएमसी) के बीच तेज और बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी। इससे यात्रियों के यात्रा समय में कमी आएगी। अहमदाबाद को धोलेरा से जोड़ने से यात्रियों का यात्रा समय कम हो जाएगा, जिससे रोज़ाना आना-जाना आरामदायक हो जाएगा और उसी दिन वापस लौटना भी मुमकिन हो पाएगा। यह सेमी-हाई स्पीड रेलवे न सिर्फ़ इन दो शहरों को एक-दूसरे के करीब लाएगा, बल्कि सैकड़ों किलोमीटर दूर रहने वाले लोगों को भी एक-दूसरे के करीब लाएगा।

उन्होंने कहा कि परियोजना से सौराष्ट्र क्षेत्र को मुंबई और दक्षिण भारत की मुख्य रेल लाइन से बेहतर संपर्क मिलेगा। परियोजना में तीन स्थानाें पर मेट्रो नेटवर्क के साथ एकीकरण की भी योजना है।

उन्हाेंने एक सवाल के जवाब में कहा कि इस मार्ग पर वंदे भारत एक्सप्रेस नहीं बल्कि एक नई विकसित हाे रही सेमी हाईस्पीड ट्रेन चलेगी जिसकी गति 220 किलाेमीटर प्रति घंटे हाेगी। साबरमती से धाैलेरा के बीच 48 मिनट और सरखेज से धाैलेरा करीब 34 मिनट का समय लगेगा। धाैलेरा में अंतिम स्टेशन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हाेगा और बाद में यही लाइन आगे भावनगर काे भी जाेड़ेगी।

गुजरात के अहमदाबाद ज़िले को कवर करने वाला यह प्रोजेक्ट, भारतीय रेलवे के मौजूदा नेटवर्क को लगभग 134 किलोमीटर तक बढ़ा देगा। यह परियोजना लगभग 284 गांवों और करीब पांच लाख आबादी को बेहतर रेल संपर्क उपलब्ध कराएगी।

रेल मंत्रालय ने कहा कि पर्यावरण अनुकूल परिवहन प्रणाली होने के कारण इस परियोजना से देश के लॉजिस्टिक खर्च में कमी आएगी, तेल आयात में लगभग 48 लाख लीटर की बचत होगी और कार्बन उत्सर्जन में करीब दो करोड़ किलोग्राम की कमी आएगी, जो लगभग 10 लाख पेड़ लगाने के बराबर होगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / सचिन बुधौलिया

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