
जगदलपुर, 14 मई (हि.स.)। बस्तर में पिछले चार दशक से नक्सल मोर्चे पर तैनात अर्धसैनिक बलों के बस्तर से लौटने का सिलसिला जल्द ही शुरू होने वाला है। नक्सल मुक्त बस्तर होने के बाद इन सुरक्षा कैंपों को स्थानीय ग्रामीणों के लिए जन सुविधा केंद्र बनाने की घोषणा गृहमंत्री अमित शाह ने की थी। इसी कड़ी में आगामी 18 मई को 2 दिवसीय बस्तर दौरे पर पहुंच रहे गृहमंत्री शाह नेतानार सीआरपीएफ कैंप को बस्तर का पहला जन सुविधा केंद्र घोषित कर इसका उद्घाटन करेंगे।
दरअसल, यह इलाका कभी नक्सलियों का गढ़ हुआ करता था। नक्सलियों ने नेतानार के आसपास के इलाकों में कई बड़ी वारदातों को भी अंजाम दिया, जिसके बाद यहां केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) कैंप स्थापित करने के बाद इस क्षेत्र में नक्सल गतिविधि कम होने के साथ अब यह इलाका पूरी तरह से नक्सल मुक्त हो चुका है। ऐसे में अब इस कैंप को बस्तर का पहला जन सुविधा केंद्र बनाने की तैयारी शुरू कर दी गई है।
बस्तर के आईजी सुंदरराज पी. ने बताया कि 31 मार्च के बाद बस्तर संभाग के अंदरूनी इलाकों में नक्सल गतिविधि पूरी तरह से समाप्त हो चुकी है। ऐसे में सुरक्षा की दृष्टिकोण से जिन नक्सल इलाकों में सुरक्षा कैंप खोले गए थे, उनमें से कुछ कैंपों को अब उस क्षेत्र की जनता के लिए मूलभूत सुविधा से लाभान्वित करने के उद्देश्य से इन कैंपों को डिजिटल सेवा केंद्र, स्किल डेवलपमेंट ट्रेंनिंग सेंटर, फॉरेस्ट फूड प्रोसेसिंग यूनिट के रूप में स्थापित किए जाने की योजना बनाई गई है। इसी कड़ी में नेतानार सीआरपीएफ कैंप बस्तर का पहला जन सुविधा केंद्र होगा। आगामी दिनों में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के बस्तर प्रवास के दौरान इस जन सुविधा केंद्र का उद्घाटन और नामकरण किया जाएगा।
अप्रैल 2026 की रिपोर्ट के अनुसार बस्तर रेंज के संवेदनशील और दुरुस्त इलाकों में लगभग 400 से अधिक सुरक्षा कैंप स्थापित हैं। इन कैंपों में सीआरपीएफ, बीएसएफ, आईटीबीपी और जिला पुलिस बल के जवान तैनात हैं। बस्तर संभाग अब पूर्ण रूप से नक्सल मुक्त होने की घोषणा के बाद इन सुरक्षा कैम्पों को स्थानीय ग्रामीणों के रोजगार और सुविधा के अनुसार जन सुविधा केंद्र में तब्दील करने की योजना है। इसी कड़ी में नेतानार का सीआरपीएफ कैंप बस्तर संभाग का पहला जन सुविधा केंद्र बनने जा रहा है।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / राकेश पांडे