(संशाेधित) ईडी ने कोलकाता पुलिस के डीसीपी शांतनु सिन्हा विश्वास को किया गिरफ्तार

युगवार्ता    15-May-2026
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शांतनु सिन्हा विश्वास


(तथ्याें में बदलाव के साथ)

कोलकाता, 15 मई (हि.स.)। पश्चिम बंगाल में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने गुरुवार को कोलकाता पुलिस के डिप्टी कमिश्नर (डीसीपी) शांतनु सिन्हा विश्वास गुरुवार काे करीब साढ़े 10 घंटे तक चली पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर लिया। यह मामला कथित रंगदारी और जमीन कब्जाने वाले रैकेट से जुड़ा है, जिसे कथित तौर पर वांछित अपराधी बिस्वजीत पोद्दार उर्फ “सोना पाप्पू” और कारोबारी जय कामदार चला रहे थे। शुक्रवार को उन्हें अदालत में पेश किया जाएगा।

ईडी के एक अधिकारी ने शुक्रवार सुबह गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए बताया कि शांतनु सिन्हा विश्वास जांच में सहयोग नहीं कर रहे थे, जिसके चलते यह कार्रवाई की गई। सूत्रों के मुताबिक, गुरुवार सुबह से ही कोलकाता के सीजीओ कॉम्प्लेक्स स्थित ईडी कार्यालय में उनसे पूछताछ चल रही थी।पूछताछ के दौरान जानकारी छिपाने और जांच में सहयोग नहीं करने के आरोप में उन्हें रात करीब 10 बजे गिरफ्तार किया गया।

ईडी ने इससे पहले भी उन्हें कई बार पूछताछ के लिए नोटिस भेजे थे। बिस्वास को 28 अप्रैल को भी पेश होने के लिए कहा गया था, जो पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के मतदान से एक दिन पहले की तारीख थी, लेकिन वह उस दिन भी उपस्थित नहीं हुए। लगातार अनुपस्थित रहने के बाद एजेंसी ने बुधवार को उनके ठिकाने का पता लगाने के लिए सुरक्षा निदेशालय की मदद भी मांगी थी।

बता दें कि, कोलकाता पुलिस द्वारा दर्ज एफआईआर में सोना पाप्पू पर रंगदारी, दंगा, हत्या के प्रयास, आपराधिक साजिश और आर्म्स एक्ट के तहत कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं। ईडी का दावा है कि पोद्दार और उसके सहयोगी एक संगठित अपराध नेटवर्क चला रहे थे, जो रंगदारी समेत कई गैरकानूनी गतिविधियों में शामिल था और इससे भारी मात्रा में अवैध धन अर्जित किया गया।

जांच के तहत ईडी ने पिछले महीने शांतनु सिन्हा विश्वास के बालीगंज स्थित आवास और फर्न रोड फ्लैट पर छापेमारी की थी। इसके अलावा कारोबारी जय कामदार से जुड़े बेहाला स्थित ठिकानों पर भी तलाशी ली गई थी। अधिकारियों के अनुसार, छापेमारी के दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए गए।

ईडी की एक अप्रैल को तलाशी के दौरान 1.47 करोड़ नकद, 67 लाख से अधिक मूल्य का सोना-चांदी और देसी रिवॉल्वर जब्त किया था। बिस्वजीत पोद्दार उर्फ सोना पाप्पू फिलहाल फरार है। वह दक्षिण कोलकाता के गोलपार्क इलाके में हुई हिंसक घटना के मामले में भी वांछित है। कई समन जारी होने के बावजूद वह जांच में शामिल नहीं हुआ है।

गौरतलब है कि, शांतनु सिन्हा विश्वास पहले कालीघाट थाने के प्रभारी रह चुके हैं। इससे पहले भी अवैध कोयला खनन मामले में उनका नाम ईडी की जांच के दायरे में आ चुका है। इसके अलावा निजी मेडिकल कॉलेजों, विशेषकर केपीसी मेडिकल कॉलेज में एनआरआई कोटा दाखिले में कथित अनियमितताओं की जांच में भी उनसे पूछताछ की जा रही है।

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हिन्दुस्थान समाचार / अमरेश द्विवेदी

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