हैदराबाद, 16 मई (हि.स.)। केंद्रीय गृह राज्य मंत्री बंदी संजय कुमार के बेटे बंदी साई भागीरथ ने शनिवार को पॉक्सो मामले में साइबराबाद पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया। उनकी यह सुपुर्दगी तब सामने आई जब पुलिस ने उनके खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी किया और तेलंगाना उच्च न्यायालय ने उन्हें गिरफ्तारी से अंतरिम संरक्षण देने से इनकार कर दिया।
भागीरथ पर एक नाबालिग के साथ यौन उत्पीड़न करने के गंभीर आरोप हैं। पेटबशीरबाग पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज होने के बाद अधिकारियों ने भागीरथ का पता लगाने के लिए पांच विशेष टीमों को तैनात किया था और बड़े पैमाने पर कार्रवाई शुरू की थी। उच्च न्यायालय से अंतरिम जमानत याचिका खारिज किए जाने और कानूनी विकल्प सीमित होने के बाद भागीरथ एक कानूनी टीम (वकीलों) के साथ पुलिस के सामने पेश हुए और जांच में शामिल हुए। उम्मीद है कि उन्हें स्थानीय अदालत में पेश किया जाएगा और बाद में न्यायिक हिरासत में भेज दिया जाएगा।
'कानून के सामने सब बराबर हैं': बंदी संजय
इस संबंध में केंद्रीय मंत्री बंदी संजय कुमार ने एक आधिकारिक बयान जारी कर पुष्टि की कि उन्होंने एक वकील के माध्यम से अपने बेटे को पुलिस के हवाले कर दिया है। सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट में उन्होंने कहा कि कानून के सामने, चाहे वह मेरा बच्चा हो या कोई आम नागरिक, सब बराबर हैं। हम सभी कानून से बंधे हैं।
उन्होंने आगे कहा कि जब उनके बेटे के खिलाफ शिकायत दर्ज की गई थी, तभी उन्होंने उसे अधिकारियों को सौंपने का फैसला कर लिया था। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि भागीरथ लगातार खुद को बेगुनाह बता रहे हैं और आरोपों से इनकार कर रहे हैं तथा यह आत्मसमर्पण मामले की उचित और कानूनी जांच के उद्देश्य से किया गया है।
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हिन्दुस्थान समाचार / Dev Kumar Pukhraj