ब्रिक्स देशों के बीच आपसी व्यापार 1.17 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचा: राजेश अग्रवाल

युगवार्ता    16-May-2026
Total Views |
ब्रिक्स संपर्क समूह की बैठक को संबोधित करते राजेश अग्रवाल


- भारत का मजबूत मूल्य श्रृंखला के जरिए ब्रिक्स देशों के बीच व्यापार बढ़ाने पर जोर

नई दिल्ली, 16 मई (हि.स)। वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने शनिवार को कहा कि ब्रिक्स देशों के बीच आपसी व्यापार पिछले कुछ वर्षों में कई गुना बढ़ा है, लेकिन यह अब भी वैश्विक व्यापार का करीब पांच फीसदी ही है। उन्होंने कहा कि इससे इस समूह के भीतर व्यापार और आर्थिक सहयोग बढ़ाने की बड़ी संभावनाएं दिखाई देती हैं।

राजेश अग्रवाल ने गुजरात के गांधीनगर में व्यापार और आर्थिक मुद्दों पर ब्रिक्स संपर्क समूह (सीजीईटीआई) की दूसरी बैठक को संबोधित करते हुए यह बात कही। वाणिज्य सचिव ने कहा कि 2024 में ब्रिक्स के भीतर माल व्यापार बढ़कर 1.17 ट्रिलियन डॉलर हो गया है, जो सदस्य देशों के बीच गहरे व्यापार एकीकरण और मज़बूत आर्थिक सहयोग की विशाल, अब तक अप्रयुक्त संभावनाओं को उजागर करता है।

उन्होंने बताया कि ब्रिक्स देशों के बीच माल व्यापार तेरह गुना बढ़ गया है, जो 2003 के 84 अरब अमरिकी डॉलर से बढ़कर 2024 में 1.17 ट्रिलियन अमरिकी डॉलर हो गया है। यह वृद्धि वैश्विक व्यापार की गति से अधिक रही है और इससे सदस्य देशों के लिए अधिक लचीलापन तथा विविधीकरण में मदद मिली है। उन्होंने कहा कि ब्रिक्स देशों के बीच होने वाला व्यापार अभी भी वैश्विक व्यापार का करीब 5 फीसदी है, जो अधिक व्यापार एकीकरण, मजबूत मूल्य-श्रृंखला संबंधों और बेहतर आर्थिक सहयोग के लिए महत्वपूर्ण अप्रयुक्त संभावनाओं को दर्शाता है।

वाणिज्य सचिव ने कहा कि इससे पता चलता है कि इन देशों के बीच और ज़्यादा जुड़ाव और मज़बूत वैल्यू-चेन लिंकेज की बहुत ज़्यादा संभावनाएं अभी भी बाकी हैं। राजेश अग्रवाल ने गुजरात के गांधीनगर में व्यापार और आर्थिक मुद्दों पर ब्रिक्स संपर्क समूह (सीजीईटीआई) की दूसरी बैठक में मुख्य भाषण दिया। ये बैठक मार्च 2026 में वर्चुअल रूप से आयोजित सीजीईटीआई की पहली बैठक के बाद हुई है। ब्रिक्स 11 विकासशील देशों का एक समूह है, जिसमें ब्राज़ील, चीन, मिस्र, इथियोपिया, भारत, इंडोनेशिया, ईरान, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका और संयुक्त अरब अमीरात शामिल है।

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने बताया कि सीजीईटीआई में हुई चर्चाओं में ब्रिक्स के साथ भारत की सहभागिता को व्यापक व्यापार परिप्रेक्ष्य में भी रखा गया है। नवीनतम उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में ब्रिक्स के सदस्य देशों को भारत का माल निर्यात अनुमानित 82.0 अरब यूएस डॉलर और कैलेंडर वर्ष 2024 में सेवाओं के क्षेत्र में निर्यात 31.3 अरब यूएस डॉलर था। ये आंकड़े ब्रिक्स देशों के बीच व्यापार और बढ़ाने की गुंजाइश को दर्शाते हैं, जिसमें सेवाएं और कनेक्टिविटी भविष्य की वृद्धि के महत्वपूर्ण क्षेत्र के रूप में उभर रहे हैं।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / प्रजेश शंकर

Tags