इतिहास के पन्नों में 18 मई : जब पोखरण में परमाणु परीक्षण ने भारत को वैश्विक शक्ति के रूप में नई पहचान दिलाई

युगवार्ता    17-May-2026
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सांकेतिक।


इतिहास के पन्नों में 18 मई का दिन भारत की वैज्ञानिक और रणनीतिक क्षमता के प्रतीक के रूप में दर्ज है। वर्ष 1974 में इसी दिन भारत ने राजस्थान के पोखरण में अपना पहला सफल भूमिगत परमाणु परीक्षण कर दुनिया को अपनी तकनीकी क्षमता का परिचय दिया था। इस उपलब्धि ने भारत को परमाणु क्षमता रखने वाले देशों की अग्रिम पंक्ति में खड़ा कर दिया।

यह परीक्षण ‘स्माइलिंग बुद्धा’ नाम से जाना गया। इसकी खास बात यह थी कि उस समय संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के पांच स्थायी सदस्य देशों के अलावा किसी अन्य देश ने इस स्तर का परमाणु परीक्षण नहीं किया था। भारत का यह कदम वैज्ञानिक आत्मनिर्भरता और राष्ट्रीय सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना गया।

इस परमाणु कार्यक्रम की आधारशिला वर्ष 1972 में रखी गई थी। उस समय तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिर गांधी ने भाभा एटामिक रिसर्च सेंटर (बार्क) का दौरा किया था। इसी दौरान वैज्ञानिकों के साथ चर्चा में परमाणु परीक्षण की योजना को आगे बढ़ाने की सहमति बनी। इसके बाद भारतीय वैज्ञानिकों ने अत्यंत गोपनीय तरीके से इस परियोजना पर काम शुरू किया।

राजस्थान के पोखरण में किए गए इस परीक्षण ने दुनिया का ध्यान भारत की ओर खींचा। उस दौर में यह केवल वैज्ञानिक उपलब्धि नहीं थी, बल्कि इससे भारत की रणनीतिक स्थिति भी मजबूत हुई। हालांकि इस परीक्षण के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई प्रतिक्रियाएं भी सामने आईं और भारत को कुछ तकनीकी एवं कूटनीतिक चुनौतियों का सामना करना पड़ा।

इसके बावजूद यह उपलब्धि भारतीय विज्ञान के इतिहास में एक मील का पत्थर साबित हुई। बाद में वर्ष 1998 में भारत ने पोखरण में ही एक और श्रृंखला के परमाणु परीक्षण कर अपनी क्षमता को और मजबूती से दुनिया के सामने रखा। 18 मई आज भी भारत की वैज्ञानिक दूरदृष्टि, आत्मनिर्भरता और राष्ट्रीय शक्ति के प्रतीक के रूप में याद किया जाता है।

महत्वपूर्ण घटनाचक्र

1848 - जर्मनी में पहली नेशनल एसेंबली का उद्घाटन हुआ।

1912 - पहली भारतीय फीचर लेंथ फिल्म श्री पुंडालिक रिलीज।

1950 - उत्तरी एटलांटिक संधि पर हस्ताक्षर करने के एक साल बाद इसी दिन विश्व के 12 देशों ने अमरीका और यूरोप की रक्षा के लिए एक स्थाई संगठन पर सहमति दी थी।

1974 - राजस्थान के पोख़रण में अपना पहला भूमिगत परमाणु बम परीक्षण करके भारत परमाणु शक्ति संपन्न देशों की कतार में शामिल हो गया।

1991 - चॉकलेट कंपनी में कैमिस्ट के तौर पर काम करने वाली 27 वर्षीय हेलेन ने ब्रिटेन की पहली अंतरिक्ष यात्री के तौर पर सोवियत सोयूज यान से उड़ान भरी। उन्हें एक पहेली का जवाब देने पर यह मौका दिया गया।

1994 - संयुक्त राष्ट्र संघ ने 1995 'सं.रा. सहिष्णुता वर्ष' के रूप में मनाने का निर्णय लिया।

1994 - गाजा पट्टी क्षेत्र से अन्तिम इस्रायली सैनिक टुकड़ी हटाये जाने के साथ ही क्षेत्र पर फ़िलिस्तीनी स्वायत्तशासी शासन पूर्णत: लागू।

2004 - इजराइल के राफा विस्थापित कैम्प में इस्रायली सैनिकों ने 19 फ़िलिस्तीनियों को मौत के घाट उतारा।

2006 - नेपाल नरेश को कर के दायरे में लाया गया।

2007 - कजाकिस्तान के राष्ट्रपति नूर सुल्तान नजर वायेव का कार्यकाल असीमित समय के लिए बढ़ा।

2008 - पार्श्वगायक नितिन मुकेश को मध्य प्रदेश सरकार ने राष्ट्रीय लता मंगेशकर अलंकरण से सम्मानित किया।

2008 - भारतीय मूल के लेखक इन्द्रा सिन्हा को उनकी किताब एनिमल पीपुल हेतु कामनवेल्थ सम्मान प्रदान किया गया।

2009 : श्रीलंका सरकार ने 25 साल से तमिल विद्रोहियों के साथ हो रही जंग के खत्म होने का एलान किया। सेना ने देश के उत्तरी हिस्से पर कब्जा किया और लिट्टे प्रमुख वेलुपिल्लई प्रभाकरन को मार गिराया।

जन्म

1682 - शाहू - छत्रपति शिवाजी का पौत्र तथा शम्भुजी और येसूबाई का पुत्र था।

1881 - राम लिंगम चेट्टियार - एक वकील, राजनीतिज्ञ और संविधान सभा के सदस्य थे।

1914 - एस. जगन्नाथन - भारतीय रिज़र्व बैंक के दसवें गवर्नर थे।

1933 - एच डी देवगौड़ा - भारत के बारहवें प्रधानमंत्री

1939 - सुधीर रंजन मजूमदार - भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के राजनीतिज्ञ थे।

1948 - थावर चंद गहलोत - भारतीय राजनेता हैं।

1951 - जगदीप धनखड़ - भारतीय जनता पार्टी के राजनीतिज्ञ हैं।

1959 - फग्गन सिंह कुलस्ते - भारतीय जनता पार्टी से संबद्ध राजनीतिज्ञ हैं।

1961 - अनिल चौहान - भारत के दूसरे 'चीफ़ ऑफ़ डिफ़ेंस स्टाफ़' हैं।

निधन

1934 - मुकुन्द दास - भारतीय बांग्ला भाषा के कवि, गीतकार, संगीतकार और देशभक्त थे।

1966 - पंचानन माहेश्वरी - भारत के सुप्रसिद्ध वनस्पति विज्ञानी।

2009 - कृष्ण पट्टाभि जोइस - प्रसिद्ध भारतीय योगाचार्य थे।

2012 - जय गुरुदेव - प्रसिद्ध धार्मिक गुरु।

2017 - अनिल माधब दवे - भारत सरकार में पर्यावरण, वन तथा जलवायु परिवर्तन राज्यमंत्री थे।

2017 - रीमा लागू - हिन्दी फिल्मों की शानदार अभिनेत्री थीं।

महत्वपूर्ण अवसर

-पोखरण परमाणु विस्फोट दिवस (1974)।

-अंतरराष्ट्रीय संग्रहालय दिवस।

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हिन्दुस्थान समाचार / आकाश कुमार राय

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