
गुवाहाटी, 19 मई, (हि.स.)। केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन एवं जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने कहा है कि गुवाहाटी को केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी वाटर मेट्रो परियोजना के प्रथम चरण के लिए आधिकारिक रूप से चयनित किया गया है।
सोनोवाल मंगलवार को गुवाहाटी के एक होटल में ब्रह्मपुत्र बोर्ड की बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि कोच्चि वाटर मेट्रो की तर्ज पर विकसित की जा रही यह पर्यावरण अनुकूल जल परिवहन व्यवस्था शहरी यातायात को सुगम बनाने और सड़क जाम कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। परियोजना के प्रथम चरण में गुवाहाटी के अलावा श्रीनगर, पटना, वाराणसी, अयोध्या और प्रयागराज को भी शामिल किया गया है। वहीं, असम के तेजपुर और डिब्रूगढ़ को दूसरे चरण के लिए प्रस्तावित किया गया है।
केंद्रीय मंत्रालय ने हाल ही में ड्राफ्ट नेशनल वाटर मेट्रो पॉलिसी-2026 जारी की है, जिसका उद्देश्य जल मेट्रो परियोजनाओं में पोतों की डिजाइन, चार्जिंग सुविधाओं और सुरक्षा तंत्र में एकरूपता लाना है। नीति में इलेक्ट्रिक और हाइब्रिड फेरी सेवाओं को विशेष प्राथमिकता दी गई है ताकि पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिल सके।
इनलैंड वॉटरवेज अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया ने देशभर के 18 स्थानों पर व्यवहार्यता अध्ययन के लिए कोच्चि मेट्रो रेल लिमिटेड को जिम्मेदारी सौंपी थी। गुवाहाटी के लिए तैयार व्यवहार्यता रिपोर्ट की समीक्षा कर उसे मंजूरी भी दे दी गई है।
सरकार का मानना है कि यह परियोजना पारंपरिक मेट्रो रेल प्रणालियों की तुलना में अधिक किफायती साबित होगी, क्योंकि इसमें पहले से उपलब्ध नौगम्य जलमार्गों का उपयोग किया जाएगा और अपेक्षाकृत कम बुनियादी ढांचे की आवश्यकता होगी। इस परियोजना से गुवाहाटी में शहरी संपर्क व्यवस्था को नई गति मिलने की उम्मीद है।
----------------
हिन्दुस्थान समाचार / श्रीप्रकाश