भारतीय युवा चीनी भाषा सीखकर दोनों देशों के बीच मित्रता के दूत बनें: चीनी राजदूत

युगवार्ता    23-May-2026
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भारत में चीनी राजदूत शू फेइहोंग (फाइल फोटो)।


नई दिल्ली, 23 मई (हि.स.)। चीनी राजदूत शू फेइहोंग ने चीनी भाषा कुशलता प्रतियोगिता कार्यक्रम में कहा कि भारतीय युवाओं में चीनी भाषा सीखने की बढ़ती रुचि दोनों देशों के संबंधों को नई दिशा दे रही है। उन्होंने इसे आपसी समझ और मित्रता को मजबूत करने वाला कदम बताया।

फेइहोंग ने शुक्रवार को यहां चीनी भाषा कुशलता प्रतियोगिता (भारत खंड) ‘चाइनीज ब्रिज’ के फाइनल और पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने भारतीय विश्वविद्यालय संघ की महासचिव डॉ. पंकज मित्तल, निर्णायकों, शिक्षकों और छात्रों को बधाई दी और विजेता प्रतिभागियों की सराहना की।

राजदूत ने कहा कि पिछले महीने अंतरराष्ट्रीय चीनी भाषा दिवस पर 150 से अधिक भारतीय छात्रों और शिक्षकों ने चीनी कला और संस्कृति से जुड़े कार्यक्रमों में भाग लिया था। आज के फाइनल में प्रतिभागियों ने चीनी भाषा पर अपनी मजबूत पकड़, जोश और आत्मविश्वास का प्रदर्शन किया।

उन्होंने ‘चाइनीज ब्रिज’ प्रतियोगिता के 25वीं वर्षगांठ पर बधाई देते हुए इसे अंतरराष्ट्रीय चीनी भाषा शिक्षा का ओलंपिक करार दिया। उन्होंने कहा कि इस मंच ने पिछले 25 वर्षों में कई युवाओं को बेहतर अवसर दिए हैं। गत वर्ष एक भारतीय प्रतिभागी को चीन सदर्न एयरलाइंस में नौकरी मिली थी।

उन्होंने घोषणा की कि भारतीय युवाओं के लिए जल्द ही ‘एक्सपीरियंसिंग चाइना’ अध्ययन यात्रा कार्यक्रम शुरू किया जाएगा। इस वर्ष के विजेताओं को इसमें प्राथमिकता दी जाएगी ताकि वे चीन की आधुनिक प्रगति और विकास को प्रत्यक्ष देख सकें।

राजदूत ने कहा कि चीन और भारत पहाड़ों और नदियों से जुड़े पड़ोसी देश हैं जिन्हें अलग नहीं किया जा सकता। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे चीनी भाषा सीखें, चीन को बेहतर समझें और दोनों देशों के बीच मित्रता के दूत बनें।

उल्लेखनीय है कि ‘चाइनीज ब्रिज’ विश्व की प्रमुख चीनी भाषा और संस्कृति प्रतियोगिता है। इसका आयोजन चीन के शिक्षा मंत्रालय के अंतर्गत सेंटर फॉर लैंग्वेज एजुकेशन एंड कोऑपरेशन (सीएलईसी) द्वारा किया जाता है। इसका उद्देश्य दुनिया भर के युवाओं को चीनी भाषा और संस्कृति से जोड़ना है। समारोह में राजदूत ने पांच निर्णायकों की निष्पक्षता और व्यावसायिकता की सराहना की तथा चीनी भाषा शिक्षा को बढ़ावा देने वाले भारतीय मित्रों का आभार व्यक्त किया।

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हिन्दुस्थान समाचार / प्रशांत शेखर

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