
काठमांडू, 23 मई (हि.स.)। नेपाल–भारत सीमा सुरक्षा और समन्वय संबंधों को लेकर भारत के सीतामढ़ी में दोनों देशों के अधिकारियों के बीच बैठक हुई।
बताया गया है कि सीमावर्ती क्षेत्रों में बढ़ती आपराधिक घटनाओं पर नियंत्रण, सीमा सुरक्षा के उपाय, सूचना आदान-प्रदान, अपराध के खिलाफ की गई कार्रवाई तथा सीमा स्तंभों की सुरक्षा जैसे विषयों पर दोनों देशों के सुरक्षा और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच विस्तृत चर्चा हुई।
शनिवार को संपन्न द्विपक्षीय बैठक में नेपाल की ओर से महोत्तरी के प्रमुख जिला अधिकारी इन्द्रदेव यादव के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल शामिल हुआ, जबकि भारतीय पक्ष का नेतृत्व सीतामढ़ी के डीएम संजीव कुमार ने किया।
बैठक में रौतहट के प्रमुख जिला अधिकारी दिनेश सागर भुसाल, सर्लाही के प्रमुख जिला अधिकारी रामुराज कडरिया सहित विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों, कस्टम कार्यालय और अन्य संबंधित निकायों के प्रमुख भी उपस्थित रहे।
महोत्तरी के प्रमुख जिला अधिकारी यादव ने जानकारी दी कि बैठक में सीमावर्ती क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था, अवैध वाहनों और हथियारों पर निगरानी, शांति एवं कानून व्यवस्था की स्थिति तथा आतंकवादी और सशस्त्र समूहों की गतिविधियों पर नजर रखने जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई।
उनके अनुसार, सीमा क्षेत्र में अपराध नियंत्रण के लिए आपराधिक अभिलेखों के आदान-प्रदान, अपराधियों के खिलाफ तत्काल कानूनी कार्रवाई, गिरफ्तार व्यक्तियों के शीघ्र हस्तांतरण और पुलिस अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय पर भी विचार-विमर्श किया गया। इसके अलावा मादक पदार्थों की तस्करी, मानव तस्करी, नकली मुद्रा कारोबार, अवैध तस्करी और शराब के अवैध कारोबार पर नियंत्रण के उपायों और कार्रवाई पर भी चर्चा हुई।
इसी तरह सीमा स्तंभों और अतिक्रमण के मुद्दों पर बार-बार उठ रही चिंताओं को ध्यान में रखते हुए संयुक्त स्थलीय सर्वेक्षण करने, क्षतिग्रस्त सीमा स्तंभों की मरम्मत तथा अतिक्रमण हटाने के विषय में भी चर्चा की गई।
रौतहट के प्रमुख जिला अधिकारी भुसाल ने बताया कि सीमा क्षेत्र में आपराधिक गतिविधियों पर नियंत्रण, सुरक्षा एजेंसियों के बीच सूचना आदान-प्रदान को प्रभावी बनाने तथा संयुक्त समन्वय और सहयोग को और मजबूत करने के साथ-साथ डूबान की समस्या पर भी दोनों पक्षों के बीच सहमति बनी है।
सीमा क्षेत्र में बन रहे बांधों के कारण गौर सहित लगभग एक दर्जन सीमावर्ती गांवों में बाढ़ और डूबान का खतरा बढ़ने की बात कहते हुए नेपाली पक्ष ने भारतीय अधिकारियों का ध्यान इस ओर आकर्षित कराया।
बैठक से नेपाल और भारत के बीच सुरक्षा सहयोग को और मजबूत होने की उम्मीद जताई गई है। बैठक में शामिल अधिकारियों ने सीमा क्षेत्रों में शांति, सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए संयुक्त प्रयास जारी रखने की प्रतिबद्धता भी व्यक्त की।
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हिन्दुस्थान समाचार / पंकज दास