मुंबई, 23 मई (हि.स.)। महाराष्ट्र के नासिक की टीसीएस कंपनी धर्म परिवर्तन मामले की जांच कर रही विशेष जांच दल (एसआईटी) ने नासिक जिला न्यायालय में 1,584 पेज की चार्जशीट पेश किया है। इस चार्जशीट में कुल 17 अहम गवाहों के बयान भी न्यायालय में पेश किए गए हैं। इस मामले की गहन छानबीन जारी है।
इस घटना की छानबीन कर रहे पुलिस अधिकारी ने शनिवार को बताया कि देवलाली कैंप पुलिस स्टेशन में 26 मार्च को एक अविवाहित पीडि़ता की शिकायत पर तीन संदिग्धों दानिश शेख, तौसीफ अत्तर और निदा खान के खिलाफ दुष्कर्म और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का केस दर्ज किया गया है। मामले की संवेदनशीलता को समझते हुए इस घटना की छानबीन के लिए तत्काल एसआईटी का गठन किया गया था।
एसआईटी ने दानिश और तौसीफ को 28 मार्च तक गिरफ्तार कर लिया था, जबकि फरार चल रही निदा खान को 7 मई की रात छत्रपति संभाजीनगर से हिरासत में लिया था। इस मामले में जांच के दौरान यह साबित हो गया है कि पहले से प्लान करके धर्म बदलने की कोशिश की गई थी, इसलिए विक्टिम के बैकग्राउंड की वजह से 'एट्रोसिटीज़' एक्ट के तहत और धाराएं लगाई गई हैं।
मुख्य आरोपित दानिश शेख ने इगतपुरी के एक रिसॉर्ट में विक्टिम का सेक्शुअल असॉल्ट किया था, इसलिए उसे लोनावला भी ले जाया गया और वहां से ज़रूरी सबूत भी इकट्ठा किए गए। इस मामले की आरोपित निदा खान ने विक्टिम का ब्रेनवॉश करने के लिए सोशल मीडिया पर 171 अलग-अलग लिंक भेजे थे। यह डेटा साइबर एनालिसिस के ज़रिए ज़ब्त किया गया। विक्टिम के घर से महिलाओं के कपड़े और सस्पेक्ट के धर्म की धार्मिक किताबेंइकट्ठा की गई हैं, जिनसे पता चलता है कि उसने धर्म बदलने की कोशिश की थी। इस मामले की गहन छानबीन जारी है। _________________
हिन्दुस्थान समाचार / राजबहादुर यादव