नेपाल : ओली अपनी ही पार्टी में अल्पमत में, अधिकांश पार्टी पदाधिकारियों ने मांगा इस्तीफा

युगवार्ता    24-May-2026
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पूर्व प्रधानमंत्री के पी शर्मा ओली


काठमांडू, 24 मई (हि.स.)। नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली अपनी पार्टी यूएमएल के पदाधिकारियों के बीच अल्पमत में आ गए हैं। पार्टी की सचिवालय बैठक जिसमें सभी पदाधिकारी सदस्य होते हैं उनमें से अधिकांश ने ओली से पद छोड़ने की मांग की है।

पिछले तीन दिनों से चल रही बैठक में कुल १९ पदाधिकारियों में से सिर्फ ४ नेताओं ने ओली के पक्ष में अपनी बात रखी और उनका समर्थन किया। जबकि १४ केंद्रीय पदाधिकारियों ने ओली का खुलकर न सिर्फ विरोध किया बल्कि उन्हें पार्टी अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने की भी मांग की।

ओली के निवास पर चल रही पार्टी पदाधिकारी बैठक में 5 मार्च के आमचुनाव और उसके परिणाम के बाद की राजनीतिक परिस्थितियों और पार्टी के भीतर हुए घटनाक्रमों की भी समीक्षा की जा रही है।

इस बैठक में अधिकांश उपाध्यक्षों, महासचिव, उपमहासचिवों और सचिवों ने ओली की वर्तमान नेतृत्व शैली का विरोध किया, जबकि केवल चार नेता खुलकर उनके पक्ष में दिखाई दिए।

पार्टी के एक पदाधिकारी के अनुसार, उपाध्यक्ष रामबहादुर थापा और सचिव महेश बस्नेत ने चर्चा के दौरान ओली का बचाव किया। इसी तरह कर्णाली प्रदेश के मुख्यमंत्री और पार्टी सचिव यामलाल कँडेल तथा सचिव भानुभक्त ढकाल भी खुले तौर पर ओली के समर्थन में नजर आए।

कँडेल को ओली का करीबी माना जाता है और वे उनके समर्थन से ही मुख्यमंत्री बने थे। वहीं ढकाल को भी ऐसा नेता माना जाता है, जिन्हें ओली के संरक्षण में लगातार राजनीतिक लाभ मिलता रहा है।

रविवार को बोलने वाले सचिवों में ढकाल और कँडेल दोनों ने ओली के नेतृत्व का बचाव किया। वहीं, पूर्व राष्ट्रपति विद्या देवी भण्डारी के करीबी माने जाने वाले सचिव शेरधन राई और हिक्मत कार्की ने कहा कि पार्टी वर्तमान स्थिति में आगे नहीं बढ़ सकती और ओली को तत्काल अपना पर छोड़ देना चाहिए।

नेताओं ने सुझाव दिया कि बदलते राजनीतिक परिदृश्य को देखते हुए ओली को नए नेतृत्व के लिए रास्ता खोलना चाहिए। हालांकि उपाध्यक्ष गोकर्ण बिष्ट और अन्य नेताओं ने सीधे तौर पर ओली के इस्तीफे की मांग नहीं की, लेकिन उन्होंने संकेत दिया कि अब उन्हें नेतृत्व की भूमिका से हट जाना चाहिए।

नेताओं ने यह भी सुझाव दिया कि पार्टी की पहली पीढ़ी के नेताओं को स्वेच्छा से सक्रिय राजनीति से संन्यास लेना चाहिए।

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हिन्दुस्थान समाचार / पंकज दास

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