मप्र के महाकाल मंदिर में अनूठी नृत्यांजलि, बिना रुके लगातार 16 घंटे तक चलेगी प्रस्तुति

युगवार्ता    26-May-2026
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मप्र के उज्जैन में महाकाल मंदिर में अनूठी नृत्यांजलि


मप्र के उज्जैन में महाकाल मंदिर में अनूठी नृत्यांजलि


- 4 साल की बच्ची से लेकर महिलाओं तक ने की शिव स्तुति

उज्जैन, 26 मई (हि.स.) । मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले में स्थित भगवान महाकालेश्वर के मंदिर में गंगा दशहरा के पावन पर्व पर एक बेहद अद्भुत और भक्तिमय आयोजन की शुरुआत हुई है। मंगलवार सुबह मंदिर परिसर में 'अखंड नृत्य आराधना' शुरू हुई, जो बिना रुके लगातार 16 घंटे तक चलेगी। श्रद्धालु बाबा महाकाल के दर्शन के साथ-साथ इस अनूठी नृत्यांजलि के भी साक्षी बन रहे हैं। कलाकार शयन आरती तक भगवान महाकाल को नृत्यांजलि देंगे।

इस विशेष धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन की खासियत यह है कि इसमें नृत्य का प्रवाह एक पल के लिए भी नहीं रुक रहा है। एक कलाकार या समूह की प्रस्तुति खत्म होते ही दूसरा समूह मंच संभाल लेता है। व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए भाग ले रहे प्रत्येक डांस ग्रुप को 15 से 20 मिनट का समय आवंटित किया गया है।

इस नृत्यांजलि में उम्र का कोई बंधन नजर नहीं आ रहा है। मंच पर जहां 4 साल की नन्हे कलाकार अपनी प्रस्तुति से मंत्रमुग्ध कर रहे हैं, वहीं 40 साल तक की वरिष्ठ महिला कलाकार भी पूरी श्रद्धा के साथ शिव साधना में लीन हैं। कलाकार शास्त्रीय और लोक विधाओं के माध्यम से गणेश वंदना, शिव स्तुति, माता की आराधना, शिव भजनों और पारंपरिक लोकगीतों पर झूमते नजर आ रहे हैं। इस पूरे महा-आयोजन में 50 से अधिक मुख्य कलाकार हिस्सा ले रहे हैं। इसके साथ ही संगीत के युवा विद्यार्थियों द्वारा किया जा रहा सामूहिक तबला वादन भी यहां आने वाले भक्तों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।

38 साल पुरानी है यह परंपरा

महाकाल मंदिर में गंगा दशहरा पर अखंड नृत्य अर्पित करने की यह परंपरा बेहद अनूठी और ऐतिहासिक है। 'रसराज प्रभात नृत्य संस्थान' पिछले 38 वर्षों से लगातार इस परंपरा का निर्वहन करता आ रहा है। इस 16 घंटे के अखंड कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए संस्थान के कलाकार पिछले एक महीने से कड़ी मेहनत और रिहर्सल कर रहे थे। कलाकारों ने उज्जैन शहर के अलग-अलग केंद्रों पर इसका सघन अभ्यास किया था।

अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति

मंगलवार को कार्यक्रम की शुरुआत के अवसर पर रसराज प्रभात नृत्य संस्थान के संस्थापक राज कुमुद ठोलिया, मुख्य अतिथि अर्पण भारद्वाज और गोविंद गंधे विशेष रूप से उपस्थित रहे। वहीं विशिष्ट अतिथि के रूप में संजय मिश्रा, पंडित विशाल शुक्ला और भारती सिंह राजपूत ने भी शिरकत की और कलाकारों का उत्साहवर्धन किया। बाबा महाकाल की नगरी आज पूरी तरह शिव कल्पित भजनों और नृत्य की झंकार से गुंजायमान हो रही है।

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हिन्दुस्थान समाचार / उम्मेद सिंह रावत

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