राष्ट्रीय महिला आयोग ने मुस्लिम महिलाओं के अधिकारों को मजबूती देने के लिए सौंपी अपनी रिपोर्ट

युगवार्ता    27-May-2026
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राष्ट्रीय महिला आयोग का लोगो


नई दिल्ली, 27 मई (हि.स.)। राष्ट्रीय महिला आयोग ने बुधवार को मुस्लिम महिलाओं के अधिकारों को मजबूत बनाने के उद्देश्य से “मुस्लिम महिलाओं के अधिकार ” विषय पर अपनी सिफारिश रिपोर्ट केंद्र सरकार को सौंप दी है। यह रिपोर्ट गृह मंत्रालय, महिला एवं बाल विकास मंत्रालय और अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय को भेजी गई है।

आयोग ने एक विज्ञप्ति जारी कर बताया कि मुस्लिम महिलाओं के कानूनी, सामाजिक और संवैधानिक अधिकारों को मजबूत करने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर व्यापक विचार-विमर्श किया गया।

राष्ट्रीय महिला आयोग की प्रमुख सिफारिशों में मुस्लिम पर्सनल लॉ का व्यापक संहिताकरण, विवाह का अनिवार्य पंजीकरण, बाल विवाह पर रोक, महिलाओं के लिए आर्थिक सुरक्षा, संपत्ति और विरासत में अधिकार मजबूत करना शामिल है।

आयोग ने “पारो सिस्टम” जैसी शोषणकारी प्रथाओं पर तत्काल रोक लगाने, पीड़ित महिलाओं के पुनर्वास, पहचान और रोजगार सहायता की भी सिफारिश की है।

इसके साथ आयोग ने कानूनी सहायता प्रणाली, हेल्पलाइन और जागरूकता अभियान को और मजबूत बनाने पर जोर दिया है, ताकि मुस्लिम महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक किया जा सके।

आयोग ने संबंधित मंत्रालयों से इन सिफारिशों को प्रभावी ढंग से लागू करने की अपील की है, जिससे देशभर में मुस्लिम महिलाओं को न्याय, सुरक्षा और सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण सुनिश्चित हो सके।

आयोग ने बताया कि इस रिपोर्ट तैयार करने के संबंध में 1 अगस्त 2025 को नई दिल्ली में राउंड टेबल कंसल्टेशन आयोजित किया गया था, जिसमें केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री, कानूनी विशेषज्ञ, शिक्षाविद, महिला अधिकार संगठनों के प्रतिनिधि, धार्मिक विद्वान और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया।

बैठक में मुस्लिम महिलाओं से जुड़े विवाह, तलाक, गुजारा भत्ता, बच्चों की कस्टडी और संपत्ति में अधिकार जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। आयोग ने कहा कि संवैधानिक सुरक्षा और हालिया कानूनी सुधारों के बावजूद अभी भी कानूनी जागरूकता बढ़ाने और न्याय तक आसान पहुंच सुनिश्चित करने की जरूरत है।

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हिन्दुस्थान समाचार / विजयालक्ष्मी

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