
-एशियाई ओलंपिक परिषद् के पहले भारतीय अध्यक्ष और पांच बार के ओलंपियन थे रणधीर सिंह
नई दिल्ली, 27 मई (हि.स.)। पूर्व भारतीय निशानेबाज और ओलंपियन रणधीर सिंह का बुधवार सुबह नई दिल्ली में 79 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। उनके निधन से भारतीय खेल जगत, विशेषकर निशानेबाजी समुदाय में शोक की लहर दौड़ गई है।
अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित रणधीर सिंह भारतीय और एशियाई खेल प्रशासन में लंबे समय तक अहम भूमिका निभाते रहे। वह 1987 से 2012 तक भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) के महासचिव रहे। इसके अलावा 2001 से 2014 तक अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (आईओसी) के सदस्य भी रहे और बाद में उन्हें मानद सदस्य बनाया गया।
सितंबर 2024 में रणधीर सिंह ने इतिहास रचते हुए एशियाई ओलंपिक परिषद (ओसीए) के पहले भारतीय अध्यक्ष बनने का गौरव हासिल किया था। नई दिल्ली में आयोजित 44वीं महासभा में उन्हें 2028 तक चार वर्ष के कार्यकाल के लिए अध्यक्ष चुना गया था। हालांकि खराब स्वास्थ्य के कारण उनका कार्यकाल इस वर्ष समय से पहले समाप्त हो गया।
पांच बार ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व
पंजाब के पटियाला से ताल्लुक रखने वाले रणधीर सिंह खेल परिवार से आते थे। वह पांच बार ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले निशानेबाज रहे। उन्होंने 1978 बैंकॉक एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतकर भारत को निशानेबाजी में पहला एशियाई खेल स्वर्ण दिलाया था।
एनआरएआई ने जताया गहरा शोक
नेशनल राइफल एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एनआरएआई) के सचिव राजीव भाटिया ने बयान जारी कर कहा,“गहरे दुख के साथ हम यह सूचना साझा कर रहे हैं कि राजा रणधीर सिंह का 27 मई 2026 को निधन हो गया। वह महान ओलंपियन, अर्जुन पुरस्कार विजेता और भारत, एशिया तथा अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक आंदोलन के सबसे सम्मानित खेल प्रशासकों में से एक थे।”
उन्होंने आगे कहा,“निशानेबाजी खेल और ओलंपिक आंदोलन के विकास में उनका योगदान अमूल्य रहा है। एनआरएआई और पूरा निशानेबाजी परिवार इस अपूरणीय क्षति पर शोक व्यक्त करता है और उनके परिवार के प्रति गहरी संवेदनाएं प्रकट करता है।”
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हिन्दुस्थान समाचार / सुनील दुबे