
नई दिल्ली, 27 मई (हि.स.)। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री जोसेफ विजय ने बुधवार को नई दिल्ली स्थित प्रधानमंत्री कार्यालय में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से शिष्टाचार मुलाकात की। बैठक के दौरान राज्य से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई।
तमिलनाडु विधानसभा चुनावों के बाद इस महीने मुख्यमंत्री पद संभालने के बाद विजय की प्रधानमंत्री के साथ यह पहली औपचारिक मुलाकात थी।
प्रधानमंत्री कार्यालय ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर मुलाकात की तस्वीरें साझा करते हुए कहा कि तमिलनाडु के मुख्यमंत्री थिरु जोसेफ विजय ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से भेंट की। मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी विज्ञप्ति के अनुसार, बैठक में प्रधानमंत्री मोदी ने नीदरलैंड यात्रा के दौरान अनाई मंगलम ताम्रपट्टिकाओं की बरामदगी और उन्हें भारत वापस लाने के प्रयासों के लिए उनकी सराहना की। मुख्यमंत्री जोसेफ ने इस दौरान अपने राज्य से संबंधित विषयों का एक प्रतिवेदन भी प्रधानमंत्री मोदी को सौंपा।
मुख्यमंत्री जोसेफ विजय ने इसके बाद कर्तव्य भवन में केन्द्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से भी मुलाकात की। दिल्ली प्रवास के दौरान उनके कार्यक्रम में केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह से भी मुलाकात तय है।
प्रधानमंत्री को सौंपे अपने प्रतिवेदन में उन्होंने सरकारी कार्यक्रमों की शुरुआत में तमिलनाडु राज्य गीत ‘तमिल थाई वट्टू’ गाए जाने की परंपरा का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि गृह मंत्रालय द्वारा इस वर्ष जनवरी में जारी निर्देश के बाद कुछ सरकारी कार्यक्रमों में पहले राष्ट्र गान गाया जा रहा है। इस संबंध में उन्होंने गृह मंत्रालय से स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने का आग्रह किया।
बैठक में रक्षा क्षेत्र से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने तमिलनाडु में एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (एएमसीए) डिजाइन एंड डेवलपमेंट सेंटर तथा सेंटर फॉर एयरबोर्न सिस्टम्स (सीएबीएस) स्थापित करने की मांग रखी। उन्होंने कहा कि इस संबंध में रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) के साथ पहले से बातचीत चल रही है।
कावेरी नदी पर प्रस्तावित मेकेदाडू बांध परियोजना का मुद्दा भी बैठक में उठा। मुख्यमंत्री विजय ने कहा कि कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री द्वारा भूमि पूजन की घोषणा कावेरी जल विवाद न्यायाधिकरण और उच्चतम न्यायालय के फैसलों के विपरीत है, जिससे तमिलनाडु के किसानों में चिंता बढ़ी है। उन्होंने प्रधानमंत्री से अनुरोध किया कि जल शक्ति मंत्रालय और केंद्रीय जल आयोग को निर्देश दिए जाएं कि तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी की सहमति के बिना परियोजना को मंजूरी न दी जाए।
मुख्यमंत्री ने श्रीलंकाई नौसेना द्वारा तमिलनाडु के मछुआरों की गिरफ्तारी का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने बताया कि अकेले वर्ष 2026 में अब तक 12 गिरफ्तारियां हुई हैं। अब तक 58 मछुआरे श्रीलंका में हिरासत में हैं तथा 266 नौकाएं जब्त की गई हैं। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को सौंपे प्रतिवेदन में इस मामले में हस्तक्षेप कर मछुआरों और उनकी नौकाओं की शीघ्र रिहाई सुनिश्चित कराने का आग्रह किया।
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हिन्दुस्थान समाचार / सुशील कुमार