किशनगंज में एनआईए की छापेमारी, संदिग्ध युवक हिरासत में लिया गया

युगवार्ता    29-May-2026
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एआईए टीम की फाइल फोटो


किशनगंज, 29 मई (हि.स.)। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने शुक्रवार तड़के बिहार के किशनगंज जिले में कार्रवाई करते हुए एक संदिग्ध युवक को हिरासत में लिया। हिरासत में लिए गए युवक की पहचान मनोज रविदास के रूप में हुई है। पोठिया प्रखंड के मिर्जापुर गांव में हुई इस कार्रवाई के दौरान कई घंटों तक सघन तलाशी अभियान चलाया गया। एनआईए, एटीएस, एनएसजी और एसटीएफ की संयुक्त कार्रवाई के दौरान पूरे गांव को सुरक्षा घेरे में तब्दील कर दिया गया।

शुक्रवार सुबह करीब तीन बजे एनआईए की टीम भारी सुरक्षा बलों के साथ मिर्जापुर गांव पहुंची। केंद्रीय एजेंसियों के साथ स्थानीय पुलिस बल भी मौके पर मौजूद था। सुरक्षा एजेंसियों ने गांव के एक घर को चारों ओर से घेर लिया और तलाशी अभियान शुरू किया। कार्रवाई के दौरान सुरक्षा कारणों से किसी भी बाहरी व्यक्ति को घटनास्थल के आसपास जाने की अनुमति नहीं दी गई।

आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, जांच एजेंसी को इनपुट मिला था कि संदिग्ध का संबंध किसी विदेशी संगठन से हो सकता है। एनआईए को एक संदिग्ध ऑडियो क्लिप भी मिली थी, जिसमें कुछ आपत्तिजनक बातचीत होने की आशंका जताई जा रही है। इसी इनपुट के आधार पर एजेंसी ने छापेमारी की कार्रवाई की। हालांकि, अब तक एनआईए की ओर से मामले को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

तलाशी अभियान के दौरान जांच एजेंसियों ने संदिग्ध के घर से कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, मोबाइल फोन, लैपटॉप और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए हैं। जांच टीम ने डिजिटल डाटा की भी गहन जांच की। अधिकारियों का कहना है कि एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि संदिग्ध किन लोगों के संपर्क में था, उसकी गतिविधियां कितने समय से निगरानी में थीं और क्या उसके तार किसी बड़े नेटवर्क से जुड़े हुए हैं।

स्थानीय लोगों के अनुसार, सुबह अचानक बड़ी संख्या में सुरक्षा बलों के पहुंचने से गांव में दहशत का माहौल बन गया। लोगों की नींद तब खुली जब गांव में सुरक्षा वाहनों की आवाजाही शुरू हुई। ग्रामीणों ने बताया कि कई घंटों तक पूरे इलाके में सन्नाटा पसरा रहा और किसी को भी घर से बाहर निकलने की अनुमति नहीं दी गई।

कार्रवाई पूरी होने के बाद एनआईए की टीम मनोज रविदास को अपने साथ लेकर रवाना हो गई। संभावना जताई जा रही है कि उसे आगे की पूछताछ के लिए किशनगंज सर्किट हाउस या किसी अन्य सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया है। जांच एजेंसियां उससे कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर पूछताछ कर सकती हैं।

फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि संदिग्ध के खिलाफ किस विशेष मामले में जांच चल रही है और कथित विदेशी संगठन से उसके संबंध किस प्रकार के हैं। स्थानीय प्रशासन भी इस पूरे मामले पर फिलहाल कुछ भी कहने से बच रहा है। हालांकि, घटना के बाद जिले में सुरक्षा व्यवस्था और सतर्कता बढ़ा दी गई है।

जांच एजेंसियां इस मामले को राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े पहलुओं के मद्देनजर बेहद गंभीरता से देख रही हैं। आने वाले दिनों में डिजिटल जांच, पूछताछ और जब्त दस्तावेजों की जांच के बाद कई अहम खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।------------

हिन्दुस्थान समाचार / धर्मेन्द्र सिंह

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