हवाई अड्डों की सुरक्षा और ड्रोन विरोधी प्रशिक्षण पर सीआईएसएफ की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक

युगवार्ता    29-May-2026
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(सीआईएसएफ) के महानिदेशक प्रवीर रंजन अधिकारियाें की बैठक लेते हुए


चंडीगढ़, 29 मई (हि.स.)। केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के महानिदेशक प्रवीर रंजन की अध्यक्षता में आज चंडीगढ़ में एक उच्च स्तरीय परिचालन समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें ड्रोन-विरोधी प्रशिक्षण और हवाई अड्डों की सुरक्षा पुख्ता करने पर मुख्य जोर दिया गया।

रंजन ने बताया कि बैठक का उद्देश्य सीआईएसएफ के उत्तर क्षेत्र और हवाई अड्डा क्षेत्र की सुरक्षा तैयारियों, सामरिक रणनीतियों और परिचालन क्षमताओं का व्यापक मूल्यांकन करना था। उन्होंने बताया कि जम्मू-कश्मीर, पंजाब, राजस्थान, हरियाणा और गुजरात जैसे अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे राज्यों में सुरक्षा चुनौतियों को देखते हुए यह समीक्षा अत्यंत महत्वपूर्ण है।

उन्होंने कहा कि हवाई अड्डों पर तैनात क्विक रिएक्शन टीम को मजबूत करने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है, जिसके तहत अब तक 49 विमानन सुरक्षा समूहों के 659 कमांडो बैटल इनोकुलेशन ट्रेनिंग पूरी कर चुके हैं। वर्ष 2026 के अंत तक सभी 72 हवाई अड्डों पर इसे लागू करने का लक्ष्य है।

महानिदेशक ने सीमावर्ती क्षेत्रों में ड्रोन संबंधी खतरों और तोडफ़ोड़ विरोधी (एंटी-सेबोटेज) उपायों की समीक्षा की। कम ऊंचाई वाले हवाई खतरों से निपटने के लिए सीआईएसएफ ने भारतीय सेना के सहयोग से एक 'चरणबद्ध ड्रोन-विरोधी प्रशिक्षण कार्यक्रम' शुरू किया है, जिसके तहत जवानों को संदिग्ध मानव रहित हवाई प्रणालियों को ट्रैक और निष्क्रिय करने का कड़ा प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि उड्डयन क्षेत्र में सुरक्षा मानकों को वैश्विक स्तर पर लाने के लिए देश के हवाई अड्डों पर कई आधुनिक तकनीकों के क्रियान्वयन की समीक्षा की गई। इनमें मुख्य रूप से यात्रियों के सुगम और कागज रहित आवागमन के लिए बायोमेट्रिक-आधारित डिजिटल सत्यापन प्रणाली, फुल बॉडी स्कैनर, सीसीटीवी वीडियो एनालिटिक्स और ऑटोमेटिक ट्रे रिटर्न सिस्टम, केंद्रीकृत एक्सेस कंट्रोल, पैरामीटर इंट्रूजऩ डिटेक्शन सिस्टम और बम डिटेक्शन एंड डिस्पोजल सिस्टम शामिल है।

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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा

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