

कुशीनगर (उत्तर प्रदेश), 31 मई (हि.स.)। स्थानीय पुलिस ने कुशीनगर जिले में नौकरी का झांसा देकर बंधक बनाकर रखे गए नेपाल के 453 युवक-युवतियों को मुक्त करा लिया है। सभी को एक किराए के मकान में जबरन रखा गया था। नेपाल दूतावास की सूचना पर यह कार्रवाई की गई है। आरोप है इन सबको अच्छी नौकरी (रोजगार) और बेहतर कमाई का लालच देकर भारत बुलाया गया।
बताया गया है कि कसया थाना क्षेत्र के सपहा रोड पर स्थित मथौली में किराए के मकान में विनस्पायर वर्ल्ड कंपनी नाम से संचालित कथित नेटवर्क मार्केटिंग कंपनी के माध्यम से नेपाली युवक-युवतियों को जोड़ा जा रहा था। कंपनी से जुड़े लोग नेपाल के विभिन्न जिलों में नौकरी और अधिक आय का दावा कर युवाओं को कुशीनगर बुलाते थे। यहां आने के बाद उनसे नेटवर्क मार्केटिंग से संबंधित कार्य कराया जाता था।
आरोप है कि कंपनी में शामिल कराने और नौकरी दिलाने के नाम पर प्रत्येक व्यक्ति से 7 हजार रुपये से लेकर 1 लाख रुपये तक की रकम वसूली जा रही थी। कई लोगों को जब नौकरी और आय संबंधी दावों पर संदेह हुआ तो इसकी शिकायत नेपाल दूतावास तक पहुंची। दूतावास ने कुशीनगर प्रशासन से संपर्क किया।इसके बाद नेपाल दूतावास के प्रतिनिधियों और कुशीनगर पुलिस की संयुक्त टीम ने मथौली पहुंचकर सभी को मुक्त करा लिया।
स्थानीय पुलिस ने औपचारिकता पूरी कर सभी को नेपाल दूतावास के प्रतिनिधियों को सौंप दिया। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि विनस्पायर वर्ल्ड कंपनी का संचालन कौन कर रहा था। कंपनी का पंजीकरण है या नहीं। पुलिस क्षेत्राधिकारी कुंदन सिंह का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच जारी है।
नेपाल दूतावास ने सहयोग के लिए उत्तर प्रदेश सरकार और कुशीनगर पुलिस का धन्यवाद किया है।
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हिन्दुस्थान समाचार / दीपक