संघ एक संगठन मात्र नहीं, एक वैचारिक आन्दोलन है : रामदत्त चक्रधर

युगवार्ता    10-Jun-2026
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मंचासीन संघ के सह सरकार्यवाह रामदत्त चक्रधर


मैदान में बैठे स्वयंसेवक


कार्यक्रम में बोलते हुए रामदत्त चक्रधर


लखनऊ, 10 जून (हि.स.)। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सह सरकार्यवाह रामदत्त चक्रधर ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ एक संगठन मात्र ही नहीं है बल्कि एक वैचारिक आन्दोलन है। एक वैचारिक प्रवाह है। उन्होंने कहा कि आज दुनियाभर में संघ को जानने की जिज्ञासा बढ़ी है। एक महीने में 45 हजार से अधिक लोगों ने जॉइन आरएसएस के माध्यम से संघ से जुड़ने की इच्छा जताई है।

रामदत्त चक्रधर बुधवार को सरस्वती कुंज निरालानगर लखनऊ में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पूर्वी उत्तर प्रदेश क्षेत्र के कार्यकर्ता विकास वर्ग प्रथम के समापन समारोह को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि संघ शिक्षा वर्ग का कार्यक्रम संगठन की सामान्य प्रक्रिया का भाग है। 15 से 20 हजार स्वयंसेवकों का प्रशिक्षण प्रतिवर्ष होता है। 1925 में डॉ हेडगेवार अकेले स्वयंसेवक थे आज देश में लाखों स्वयंसेवक हैं। पहले एक संघ की शाखा थी आज देश के भीतर 83 हजार शाखाएं हैं। 1925 में केवल एक संगठन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ था आज संघ विचारधारा से प्रेरित 40 से अधिक संगठन हैं।

उन्होंने कहा कि राष्ट्र की सर्वांगीण उन्नति के लिए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की यात्रा चल रही है। हर क्षेत्र में भारत ने दुनिया को दिशा दी है। ऐसा भारत फिर से खड़ा होना चाहिए। इसके लिए संघ प्रयासरत है। अफवाह, उपेक्षा और विरोध के बाद संघ की स्वीकार्यता बढ़ी है। गांधी हत्या का झूठा आरोप संघ पर मढ़ा गया। संघ ने कहा कि आरोप सिद्ध करो नहीं तो प्रतिबंध हटाओ। संघ ने प्रतिबंध हटाने के लिए देशभर में सत्याग्रह किया और 77 हजार स्वयंसेवक जेल गए। 1975 में आपातकाल के विरोध में 67 हजार से अधिक स्वयंसेवक जेल गए। संघ के कारण लोकतंत्र की पुनः प्रतिष्ठा हुई। आज संघ स्वीकार्यता की स्थिति में है। अच्छा सच्चा पक्का हिंदू बनाने का काम संघ की शाखा में होता है। हिंदू समाज के उत्थान से देश का उत्थान होगा। भारत एक प्राचीन राष्ट्र है। हिंदू राष्ट्रीयता को व्यक्त करने वाला शब्द है। कहीं भी आपदा विपदा के समय संघ के स्वयंसेवक अग्रिम पंक्ति में खड़े दिखाई देते हैं। कोरोना काल में अपने जान की परवाह न करते हुए समाज की सेवा की। राष्ट्र सर्वोपरि के भाव को लेकर कार्य करने की प्रेरणा देता है संघ।

उन्होंने कहा कि छुआछूत के कारण देश का बहुत नुकसान हुआ है। हमारे शास्त्रों में विषमता कहीं नहीं है। मुगलों के आक्रमण के कारण देश में छुआछूत की बीमार आयी। समापन समारोह में शिक्षार्थियों ने शारीरिक कार्यक्रमों का प्रदर्शन भी किया। मंच पर क्षेत्र संघचालक कृष्ण मोहन, प्रांत संघचालक सरदार स्वर्ण सिंह, विभाग संघचालक अनिल जैन एवं पद्मश्री रामशरण वर्मा रहे। लखनऊ के विभाग कार्यवाह अमितेश ने आभार व्यक्त किया।

इस अवसर पर विद्या भारती के राष्ट्रीय सह संगठन मंत्री यतीन्द्र, संयुक्त क्षेत्र प्रचार प्रमुख कृपा शंकर, क्षेत्र प्रचारक प्रमुख राजेन्द्र, क्षेत्र प्रचार प्रमुख सुभाष, सह क्षेत्र प्रचार प्रमुख मनोजकांत, क्षेत्र सेवा प्रमुख युद्धवीर, क्षेत्र शरीरिक शिक्षण प्रमुख अखिलेश, संयुक्त क्षेत्र ग्राम विकास प्रमुख वीरेंद्र सिंह, संयुक्त क्षेत्र कुटुंब प्रबोधन प्रमुख ओमपाल सिंह, क्षेत्र बौद्धिक प्रमुख मिथिलेश नारायण, क्षेत्र संपर्क प्रमुख मनोज, मजदूर संघ के क्षेत्र संगठन मंत्री अनुपम, क्षेत्र के मुख्य मार्ग संपर्क प्रमुख राजेन्द्र सक्सेना प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / बृजनंदन

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