कांग्रेस में विलय की अटकलों के बीच ऋतब्रत बनर्जी ने कहा-‘हम ही वास्तविक तृणमूल कांग्रेस हैं

युगवार्ता    10-Jun-2026
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रितु व्रत


कोलकाता, 10 जून (हि.स.)। पश्चिम बंगाल की राजनीति में जारी उथल-पुथल के बीच विधानसभा में नवगठित तृणमूल विधायक दल के नेता ऋतब्रत बनर्जी ने बुधवार को बड़ा दावा करते हुए कहा कि उनके साथ अब 64 से अधिक विधायक हैं और उनकी संख्या लगातार बढ़ रही है। उन्होंने कांग्रेस के साथ संभावित विलय की सभी अटकलों को खारिज करते हुए स्पष्ट कहा कि उनका समूह ही “वास्तविक तृणमूल कांग्रेस” है और कांग्रेस में शामिल होने का कोई सवाल नहीं उठता।

विधानसभा के बाहर पत्रकारों से बातचीत में ऋतब्रत बनर्जी ने कहा कि हम ही तृणमूल कांग्रेस हैं। हम किसी दल में विलय नहीं कर रहे हैं। हमारे साथ विधायकों की संख्या 64 पार कर चुकी है। संभव है कि गुरुवार को यह संख्या 65 हो जाए। स्वाभाविक रूप से हम ही तृणमूल हैं। कौन किससे मिल रहा है, इस पर हम टिप्पणी नहीं करेंगे, लेकिन पूरी जिम्मेदारी के साथ कह सकते हैं कि हम कांग्रेस में नहीं जा रहे हैं।

गौरतलब है कि, 80 तृणमूल विधायकों में से 59 विधायकों के हस्ताक्षर के साथ पश्चिम बंगाल विधानसभा में जिस “नव तृणमूल” विधायक दल की शुरुआत हुई थी, उसका समर्थन अब बढ़कर 64 से अधिक विधायकों तक पहुंचने का दावा किया जा रहा है। ऋतब्रत ने कहा कि एक और विधायक जल्द ही उनके खेमे में शामिल होने वाले हैं और आने वाले दिनों में संख्या और बढ़ सकती है।

उन्होंने यह भी दावा किया कि केवल विधायक ही नहीं, बल्कि अधिकांश सांसद भी कांग्रेस में विलय के पक्ष में नहीं हैं। ऋतब्रत ने कहा कि जिन सांसदों से मेरी बात हुई है, उन्होंने भी कहा है कि वे कांग्रेस में नहीं जा रहे हैं। यानी बहुसंख्यक सांसद और विधायक विलय के खिलाफ हैं। जिला परिषदों और नगर निकायों के प्रतिनिधि भी हमारे साथ हैं।

इस बीच तृणमूल कांग्रेस में इस्तीफों का सिलसिला जारी है। सोमवार को राज्यसभा सांसद सुखेंदुशेखर राय ने पार्टी छोड़ दी थी। वहीं, बुधवार को राज्यसभा सांसद सुष्मिता देव ने भी तृणमूल के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया। राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि आने वाले दिनों में और भी नेता पार्टी से दूरी बना सकते हैं।

उधर, लोकसभा में तृणमूल की स्थिति को लेकर भी लगातार अटकलें लगाई जा रही हैं। राजनीतिक सूत्रों के अनुसार, पार्टी के अधिकांश सांसद अब मूल नेतृत्व के साथ नहीं हैं। दावा किया जा रहा है कि 20 सांसद राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के साथ जा चुके हैं, जबकि शेष सांसदों में से भी कुछ के रुख को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।

इन घटनाक्रमों के बीच पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के संगठनात्मक भविष्य, नेतृत्व और राजनीतिक दिशा को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। हालांकि, ऋतब्रत बनर्जी ने साफ संकेत दिया है कि उनका गुट स्वयं को तृणमूल कांग्रेस का वैध और बहुमत वाला चेहरा मानता है तथा कांग्रेस में विलय की संभावना को पूरी तरह खारिज करता है। ------------------

हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर

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