प्रधानमंत्री के जी7 में सहयोगी देशों के साथ द्विपक्षीय बैठकें और बातचीत की उम्मीदः विदेश मंत्रालय

युगवार्ता    11-Jun-2026
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नई दिल्ली, 11 जून (हि.स.)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 14 से 18 जून के बीच फ्रांस और स्लोवाकिया की यात्रा पर रहेंगे और इस दौरान वे दुनिया की 7 बड़ी अर्थव्यवस्थाओं वाले देशों के समूह जी-7 के शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे।

विदेश मंत्रालय में पश्चिमी मामलों के सचिव सिबी जॉर्ज ने बताया कि 15 से 17 जून तक फ्रांस के एवियन में जी-7 शिखर सम्मेलन का आयोजन हो रहा है। 16 और 17 जून जी7 शिखर सम्मेलन के आउटरीच सत्रों के लिए तय किए गए हैं। प्रधानमंत्री अन्य आमंत्रित देशों के साथ इसमें भाग लेंगे। भारत को साझेदार देश के रूप में आमंत्रित किया गया है। यह जी-7 शिखर सम्मेलन में भारत की 13वीं भागीदारी होगी और प्रधानमंत्री मोदी लगातार सातवीं बार इस सम्मेलन में शामिल होंगे।

जार्ज ने कहा, “इस साल भारत को जी7 की कई बैठकों और कार्यक्रमों में शामिल होने के लिए बुलाया गया था। विदेश मंत्री ने इस साल की शुरुआत में पेरिस में हुई जी7 देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक में हिस्सा लिया था। शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री के जी7 देशों, सहयोगी देशों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों के साथ द्विपक्षीय बैठकें और बातचीत करने की भी उम्मीद है।”

विदेश मंत्रालय के अनुसार प्रधानमंत्री की यात्रा फ्रांस के तीन शहरों- नीस, एवियन और पेरिस तथा स्लोवाकिया को कवर करेगी। प्रधानमंत्री फ्रांस में 52वें जी-7 शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे और साथ ही फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और स्लोवाकिया के प्रधानमंत्री रॉबर्ट फिको के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे।

सिबी जॉर्ज ने बताया कि प्रधानमंत्री 14 से 16 जून तक स्लोवाकिया की राजकीय यात्रा करेंगे। वर्ष 1993 में स्लोवाकिया की स्वतंत्रता के बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री की यह पहली यात्रा होगी। इस दौरान दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश, परिवहन, नवीकरणीय ऊर्जा, उभरती प्रौद्योगिकियों और रक्षा उत्पादन जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा होगी। प्रधानमंत्री स्लोवाकिया के व्यापारिक समुदाय के साथ भी संवाद करेंगे।

विदेश मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव पीयूष श्रीवास्तव ने कहा कि प्रधानमंत्री अपनी यात्रा की शुरुआत फ्रांस के नीस शहर से करेंगे। वहां उनकी फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ व्यापक वार्ता होगी, जिसमें द्विपक्षीय संबंधों के साथ क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। दोनों नेता संयुक्त रूप से ‘भारत इनोवेट्स’ पहल का उद्घाटन भी करेंगे, जो वैश्विक स्तर पर भारत की नवाचार क्षमता और उपलब्धियों को प्रदर्शित करने का मंच है।

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हिन्दुस्थान समाचार / अनूप शर्मा

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