ओडिशा में भूजल पुनर्भरण कार्यों का विस्तार, जाजपुर-कटक में बड़े पैमाने पर संरचनाएं स्थापित

युगवार्ता    11-Jun-2026
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ओडिशा में ‘जल संचय, जन भागीदारी’ अभियान के तहत रूफटॉप रेनवाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम और रिचार्ज संरचनायें।


नई दिल्ली, 11 जून (हि.स.)। केंद्र सरकार ने ओडिशा में ‘जल संचय, जन भागीदारी’ अभियान के तहत भूजल पुनर्भरण के लिए जाजपुर जिले में 117 रिचार्ज शाफ्ट और 114 रूफटॉप रेनवाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम, जबकि कटक में 57 हार्वेस्टिंग सिस्टम और 35 रिचार्ज शाफ्ट स्थापित किए हैं। साथ ही राज्य में 47 डिजिटल वाटर लेवल रिकॉर्डर, 72 ऑब्जर्वेशन वेल्स, 66 ऑटोमेटेड मॉनिटरिंग स्टेशन और 100 ऑब्जर्वेशन वेल्स के जरिए भूजल स्तर की वैज्ञानिक निगरानी की जा रही है, जिससे राज्य में जल संरक्षण और भूजल प्रबंधन का सशक्त ढांचा विकसित हुआ है।

केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय के अनुसार, इस अभियान के तहत वर्षा जल को संग्रहित कर रिचार्ज वेल्स और अन्य संरचनाओं के माध्यम से सीधे भूमिगत जल भंडार तक पहुंचाया जा रहा है, जबकि तालाबों, टैंकों और जल स्रोतों में बनाए गए रिचार्ज ढांचे अतिरिक्त वर्षा जल को जमीन में समाहित कर रहे हैं, जिससे प्राकृतिक भूजल पुनर्भरण को बढ़ावा मिल रहा है।

मंत्रालय ने बताया कि जाजपुर जिले में 2022-23 से 2025-26 के बीच किए गए इन कार्यों के जरिए भूजल स्तर की स्थिति में सुधार देखा गया है और पेयजल आपूर्ति प्रणाली को भी मजबूती मिली है।

इसी तरह कटक जिले में किए गए हस्तक्षेपों के तहत भूजल दोहन का स्तर लगभग 47 प्रतिशत पर स्थिर बना हुआ है, जो संतुलित जल उपयोग और पुनर्भरण प्रयासों के सकारात्मक प्रभाव को दर्शाता है।

गंजम जिले के दिगपहंडी शहरी क्षेत्र में भी सरकारी भवनों, स्कूलों और सार्वजनिक संस्थानों में रूफटॉप रेनवाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाए गए हैं, जिससे मानसून के दौरान वर्षा जल का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित हुआ है और भूजल स्तर में सुधार दर्ज किया गया है।

मंत्रालय ने कहा कि इन तकनीकी प्रयासों के साथ-साथ समुदाय आधारित सहभागिता को भी बढ़ावा दिया गया है। इसके तहत जागरूकता अभियान, कार्यशालाएं, रैलियां और प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें स्वयं सहायता समूहों, पंचायत प्रतिनिधियों, छात्रों और स्थानीय नागरिकों ने सक्रिय भागीदारी निभाई है।

अधिकारियों के अनुसार, यह मॉडल केवल एक तकनीकी परियोजना नहीं बल्कि एक जन आंदोलन के रूप में विकसित हो रहा है, जिसका उद्देश्य दीर्घकालिक जल सुरक्षा सुनिश्चित करना है। मंत्रालय ने कहा कि ‘जल संचय, जन भागीदारी’ पहल देश में जल संरक्षण के लिए एक अनुकरणीय और स्केलेबल मॉडल के रूप में उभर रही है।

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हिन्दुस्थान समाचार / प्रशांत शेखर

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