वस्त्र क्षेत्र में अगले तीन वर्षों में लगभग दो करोड़ अतिरिक्त रोजगार सृजित करने की उम्मीद: गिरिराज सिंह

युगवार्ता    11-Jun-2026
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केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह के साथ अन्य लोग मौजूद।


नई दिल्ली, 11 जून (हि.स.)। केंद्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह ने गुरुवार को पिछले 12 वर्षों में वस्त्र मंत्रालय की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में वस्त्र और परिधान क्षेत्र में अगले 3 वर्षों में लगभग 2 करोड़ अतिरिक्त रोजगार सृजित करने की उम्मीद है।

गिरिराज सिंह ने आज दिल्ली स्थित नेताजी नगर में संवाददाता सम्मेलन के दौरान मीडिया को संबोधित करते हुए मंत्री ने कहा, वस्त्र और परिधान क्षेत्र वर्तमान में 53 लाख से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार प्रदान करता है। पिछले 12 वर्षों की उपलब्धियां भारत को कम लागत वाले उत्पादक से डिजाइन-आधारित, नवाचार-संचालित, टिकाऊ और निर्यात-उन्मुख वैश्विक वस्त्र केंद्र में बदलने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के 5एफ विजन ( खेत से रेशा, रेशा से कारखाना, कारखाना से फैशन और फैशन से विदेश ) के मार्गदर्शन में यह क्षेत्र किसानों, निर्माताओं, बुनकरों, कारीगरों और निर्यातकों को जोड़ने वाली एक मजबूत और एकीकृत मूल्य श्रृंखला के रूप में विकसित हुआ है।

मंत्री ने कहा कि भारत का वस्त्र उद्योग 2025-26 में लगभग 190 अरब डॉलर तक पहुंच गया है और 2030 तक 350 अरब डॉलर का लक्ष्य हासिल करने की राह पर है। घरेलू वस्त्र बाजार 2014-15 में लगभग 6 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 16 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया है, जो इस क्षेत्र के मजबूत विस्तार और राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था में बढ़ते योगदान को दर्शाता है।

गिरिराज सिंह ने इस बात पर जोर दिया कि सरकार ने संपूर्ण वस्त्र उद्योग को मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण सुधार और प्रमुख पहलें लागू की हैं। इनमें पीएम मित्रा पार्क, उत्पादन-आधारित प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना, राष्ट्रीय तकनीकी वस्त्र मिशन (एनटीटीएम), वस्त्र निर्यात संवर्धन मिशन (टीईईएम), राष्ट्रीय फाइबर मिशन और कच्चा माल सहायता योजना (आरएमएसएस) शामिल हैं, जो निवेश, तकनीकी उन्नति, स्थिरता और निर्यात प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा दे रही हैं। कपास किसानों को समर्थन देने और उद्योग के लिए पर्याप्त कच्चे माल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए, सरकार ने कपास उत्पादकता मिशन शुरू किया और कपास पर आयात शुल्क हटा दिया।

आरओएससीटीएल और आरओडीटीईपी जैसी योजनाओं के माध्यम से निर्यात प्रतिस्पर्धा को मजबूत किया गया है जबकि भारत के मुक्त व्यापार समझौतों (एफटीए) का नेटवर्क 2014 में 19 देशों को कवर करने वाले 10 एफटीए से बढ़कर 56 देशों को कवर करने वाले 18 एफटीए तक पहुंच गया है, जिससे निर्यात और निवेश के नए अवसर पैदा हुए हैं। वैश्विक व्यापार चुनौतियों के बावजूद, भारत ने अपने निर्यात गंतव्यों में विविधता लाई है और 135 देशों में निर्यात वृद्धि दर्ज की है।

मंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय तकनीकी वस्त्र मिशन के तहत बाजार का विस्तार लगभग 6 अरब डॉलर से बढ़कर 25 अरब डॉलर हो गया है और भारत तकनीकी वस्त्रों के क्षेत्र में एक प्रमुख शक्ति के रूप में उभरा है। प्रमुख राज्यों में एकीकृत वस्त्र पार्कों और सात पीएम मित्रा पार्कों के विकास के माध्यम से 70 हजार करोड़ रुपये के निवेश को आकर्षित करने और लगभग 21 लाख रोजगार के अवसर पैदा करने की उम्मीद है। प्रौद्योगिकी उन्नयन पहलों से पावरलूम क्षेत्र को लाभ हुआ है जबकि एनआईएफटी ने अपने शैक्षणिक प्रभाव का विस्तार किया है और भारत के फैशन और डिजाइन पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने के लिए विजनएक्सटी और इंडियासाइज जैसी अभिनव परियोजनाएं शुरू की हैं।

वस्त्र राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा ने पिछले 12 वर्षों में वस्त्र क्षेत्र की उपलब्धियों पर बोलते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत के हथकरघा और हस्तशिल्प क्षेत्रों ने अभूतपूर्व विकास, सशक्तिकरण और बाजार एकीकरण देखा है। राष्ट्रीय हथकरघा विकास कार्यक्रम के माध्यम से लगभग दो हजार करोड़ रुपये का निवेश किया गया है, जिससे उन्नत करघों, कौशल विकास, बुनियादी ढांचागत सहायता और बेहतर बाजार पहुंच के माध्यम से लाखों बुनकरों को लाभ हुआ है।

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सरकारी ई-मार्केटप्लेस इंडिया हैंडमेड पोर्टल, जीआई टैगिंग, मेगा हथकरघा क्लस्टर और बुनकरों की मुद्रा योजना जैसी पहलों ने आजीविका को मजबूत किया है और बिचौलियों पर निर्भरता कम की है।

वस्त्र मंत्रालय की सचिव नीलम शमी राव ने कहा कि वस्त्र क्षेत्र एक प्रमुख कार्यबल और उभरती हुई उद्यमियों के रूप में महिला सशक्तिकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

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हिन्दुस्थान समाचार / श्रद्धा द्विवेदी

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