ट्रम्प ने जे क्लेटन को अमेरिका का शीर्ष खुफिया प्रमुख नामित किया

युगवार्ता    12-Jun-2026
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वाशिंगटन, 12 जून (हि.स.)। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने जाने-माने अभियोजक और पूर्व बाजार नियामक प्रमुख जे क्लेटन को अगला स्थायी डायरेक्टर ऑफ नेशनल इंटेलिजेंस (डीएनआई) नामित करने की घोषणा की है।

ट्रम्प ने अपने 'ट्रुथ सोशल' प्लेटफॉर्म पर गुरुवार को यह फैसला घाेषित किया जाे उनके उस पिछले विवादित कदम के बाद पैदा हुए भारी राजनीतिक गतिरोध के बीच आया है, जिसमें उन्होंने अपने वफादार सहयोगी बिल पुल्टे को कार्यवाहक खुफिया प्रमुख नियुक्त कर दिया था। राष्ट्रीय सुरक्षा या खुफिया मामलों का कोई अनुभव न होने के कारण रिपब्लिकन और डेमोक्रेटिक दोनों ही दलों के सांसदों ने पुल्टे की नियुक्ति की तीखी आलोचना की थी।

ट्रम्प ने संसद में अपनी ही पार्टी के भीतर बढ़ती बगावत को शांत करने के उद्देश्य से एक बड़ा रणनीतिक कदम उठाते हुए यह घाेषणा की।

अमेरिकी राष्ट्रपति ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, मुझे सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन के पूर्व चेयरमैन और न्यूयॉर्क के दक्षिणी जिले के मौजूदा अमेरिकी अटॉर्नी जे क्लेटन को अगला 'डायरेक्टर ऑफ नेशनल इंटेलिजेंस' और अपनी कैबिनेट में शामिल करने के लिए नामित करते हुए बेहद खुशी हो रही है। कानूनी समुदाय में जे क्लेटन का असाधारण सम्मान है। मैं अमेरिकी सीनेट से आग्रह करता हूं कि वे जल्द से जल्द उनके नाम को मंजूरी दें।

सूत्रों के अनुसार, क्लेटन के नाम की सिफारिश केंद्रीय खुफिया एजेंसी (सीआईए) के निदेशक जॉन रैटक्लिफ ने राष्ट्रपति ट्रम्प से की थी।

उल्लेखनीय है कि यह हाई-प्रोफाइल राजनीतिक ड्रामा बीते मई महीने में पूर्व डीएनआई तुलसी गैबार्ड के अचानक इस्तीफे के बाद शुरू हुआ था, जिन्होंने निजी कारणों का हवाला देते हुए पद छोड़ दिया था। इसके बाद ट्रम्प ने 'फेडरल हाउसिंग फाइनेंस एजेंसी' (एफएचएफए) के मौजूदा निदेशक बिल पुल्टे को अस्थायी रूप से देश के सर्वोच्च खुफिया पद की कमान सौंप दी थी, जिससे कैपिटल हिल (अमेरिकी संसद) में हड़कंप मच गया था।

गाैरतलब है कि जे क्लेटन वर्तमान में मैनहट्टन में प्रतिष्ठित संघीय अभियाेजन कार्यालय के प्रमुख हैं, जो वित्तीय घोटालों से लेकर अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद जैसे बेहद पेचीदा और संवेदनशील मामलों को देखते हैं। अब देश की सभी 18 खुफिया एजेंसियों की कमान स्थायी रूप से संभालने के लिए उन्हें अमेरिकी सीनेट की औपचारिक मंजूरी लेनी हाेगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / सचिन बुधौलिया

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