मप्र एटीएस ने देश विरोधी गतिविधियों के आरोप में दो और संदिग्धों को किया गिरफ्तार

युगवार्ता    15-Jun-2026
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गिरफ्तार (प्रतीकात्मक)


- संदिग्धों ने स्वीकारा- पाकिस्तान भेजी जा रही थीं तस्वीरें और वीडियो

भोपाल, 15 जून (हि.स.)। मध्य प्रदेश के आतंकवाद निरोधक दस्ता (एंटी टेररिस्ट स्क्वाड -एटीएस) ने देश विरोधी गतिविधियों के आरोप में सोमवार को दो और संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। एटीएस ने धार से संदिग्ध आतंकी हाजी अजहर को गिरफ्तार किया है, जबकि बिहार के मधुबनी से इजहार उल हक को हिरासत में लिया गया है।

इससे पहले भोपाल, देवबंद और अलवर से तीन अन्य संदिग्ध आतंकवादियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। एटीएस ने सबसे पहले भोपाल से मोहम्मद फराज को गिरफ्तार किया था। इसके बाद नईम अब्दुल्ला को पकड़ा गया। इसके बाद राजस्थान के अलवर से शाकिर मेव को गिरफ्तार किया और अब धार से हाजी अजहर और मधुबनी से इजहार को हिरासत में लिया है। एटीएस को जांच में अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन और संदिग्ध गतिविधियों के संकेत मिले हैं।

सोमवार को की गई कार्रवाई में एटीएस ने मध्य प्रदेश के धार जिले से हाजी अजहर को हिरासत में लिया है। बताया जा रहा है कि वह पहले से पकड़े गए आरोपियों के संपर्क में था और नेटवर्क का सक्रिय हिस्सा था। अजहर की गिरफ्तारी के बाद जांच एजेंसियों को कई और महत्वपूर्ण सुराग मिलने की उम्मीद है।

वहीं, बिहार के मधुबनी से इजहार उल हक नाम के युवक को गिरफ्तार किया है, जो इस नेटवर्क में गुर्गे के तौर पर काम कर रहा था। एटीएस के मुताबिक वह पूरे मॉड्यूल को संचालित करने में अहम भूमिका निभा रहा था। गिरफ्तारी के बाद एटीएस उसे ट्रांजिट रिमांड पर लेकर मध्य प्रदेश ला रही है, जहां उससे पूछताछ कर नेटवर्क के मुख्य सरगना और अन्य साथियों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है।

एटीएस को आरोपियों से पूछताछ और उनके मोबाइल फोन की जांच के दौरान अहम डिजिटल इनपुट मिले हैं। सूत्रों के मुताबिक, जांच में सामने आया है कि हाजी अजहर का सीधा संबंध पहले गिरफ्तार मोहम्मद फराज और नईम अब्दुल्ला से है। फराज को 11 जून को भोपाल के काजी कैंप इलाके से गुप्त ऑपरेशन में पकड़ा गया था, जबकि नईम को 13 जून को देवबंद से गिरफ्तार किया गया। इसके बाद 14 जून को अलवर से शाकिर को पकड़ा गया। एटीएस का मानना है कि ये सभी एक ही नेटवर्क का हिस्सा हैं।

जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपियों के मोबाइल फोन की जांच के दौरान पाकिस्तान और अफगानिस्तान के नंबरों से बातचीत के संकेत मिले हैं। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि कथित नेटवर्क किस तरह काम कर रहा था और इसमें कितने लोग जुड़े हुए हैं। सूत्रों के मुताबिक नईम द्वारा उत्तर प्रदेश के कुछ शहरों की तस्वीरें और वीडियो कथित तौर पर पाकिस्तान भेजे जाने की जानकारी सामने आई है। इसके बाद एजेंसियां इसे बड़े अंतरराज्यीय नेटवर्क से जोड़कर जांच कर रही हैं।

एटीएस सूत्रों के मुताबिक फराज के मोबाइल की डिजिटल जांच में ऐसे सबूत मिले हैं, जिनसे संकेत मिलता है कि वह विदेशी संपर्कों से बातचीत के लिए एक ऐप का इस्तेमाल करता था। जांच टीम चैट रिकॉर्ड, कॉल डिटेल और डिजिटल गतिविधियों की बारीकी से जांच कर रही है। एजेंसियां यह भी पता लगा रही हैं कि संपर्क कब से थे और इनके जरिए किस तरह की गतिविधियां संचालित की जा रही थीं।

एटीएस की जांच में मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश राजस्थान और हरियाणा तक आरोपियों का नेटवर्क फैला होने के प्रमाण मिल चुके हैं। एजेंसी को शक है कि यह नेटवर्क अन्य राज्यों तक फैला हो सकता है। एजेंसियां संभावित सहयोगियों, संपर्कों और कथित नेटवर्क से जुड़े लोगों की पहचान कर रही हैं। जांच एजेंसियां अब इस मामले में डिजिटल साक्ष्यों के साथ आर्थिक लेन-देन की जानकारी भी जुटा रही हैं। मोबाइल, सोशल मीडिया अकाउंट, चैट और अन्य रिकॉर्ड की जांच की जा रही है। अधिकारियों के मुताबिक पूछताछ और नए साक्ष्यों के आधार पर आगे और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। फिलहाल एटीएस की टीम पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में लगी है।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर

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