
-जीआईसी में अपनी पांच फीसदी हिस्सेदारी को बेच रही सरकार
नई दिल्ली, 16 जून (हि.स)। केंद्र सरकार की जनरल इंश्योरेंस कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (जीआईसी) में पांच फीसदी तक की हिस्सेदारी बिक्री पेशकश (ओएफएस) मंगलवार को 3.72 गुना से अधिक सब्सक्राइब हुआ। इसमें संस्थागत निवेशकों ने 4,000 करोड़ रुपये से अधिक की बोली लगाई।
बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) के आंकड़ों के अनुसार गैर-खुदरा निवेशकों ने 11.73 करोड़ जीआईसी शेयरों के लिए आज बोली लगाई, जो 3.16 करोड़ शेयर के निर्गम का 3.72 गुना है। इसके 352.92 रुपये के सांकेतिक मूल्य पर इन बोलियों का कुल मूल्य लगभग 4 हजार करोड़ रुपये है। वहीं, खुदरा निवेशक बिक्री पेशकश (ओएफएस) के लिए बुधवार को बोली लगा सकेंगे।
जीआईसी में सरकार दो दिवसीय बिक्री पेशकश के तहत 352 रुपये प्रति शेयर के न्यूनतम मूल्य पर दो फीसदी हिस्सेदारी बेच रही है। इसमें तीन फीसदी का ग्रीन-शू विकल्प भी शामिल है। इस तरह कुल हिस्सेदारी बिक्री पांच फीसदी हो जाएगी, जो 8.77 करोड़ से अधिक शेयर के बराबर है। ये न्यूनतम मूल्य सोमवार के बंद भाव से 9.36 फीसदी कम था, जबकि कंपनी का शेयर मंगलवार को बीएसई पर 7.65 फीसदी टूटकर 358.65 रुपये पर बंद हुआ है।
सरकार इस बिक्री से लगभग 3 हजार करोड़ रुपये जुटाने की उम्मीद कर रही है। इसमें ग्रीन-शू विकल्प का इस्तेमाल किए जाने की भी संभावना है। केंद्र सरकार का लक्ष्य चालू वित्त वर्ष 2026-27 में 80 हजार करोड़ रुपये की हिस्सेदारी बिक्री और परिसंपत्ति मौद्रीकरण का है।
उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार ने चालू वित्त वर्ष 2026-27 में सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों में हिस्सेदारी बेचकर अब तक 13,389 करोड़ रुपये जुटाए हैं। इसमें कोल इंडिया से 5,542 करोड़ रुपये, एनएचपीसी से 4,357 करोड़ रुपये, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया से 2,266 करोड़ रुपये और एनएलसी इंडिया से 1,223 करोड़ रुपये शामिल हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / प्रजेश शंकर