अंबुबाची मेला के लिए असम तैयार, आठ लाख श्रद्धालुओं के आगमन की उम्मीद

युगवार्ता    17-Jun-2026
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पर्यटन मंत्री अजंता नेओग बुधवार को संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए।


गुवाहाटी, 17 जून, (हि.स.)। असम के प्रसिद्ध कामाख्या मंदिर में आयोजित होने वाले वार्षिक अंबुबाची मेले के लिए असम सरकार ने व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं। प्रशासन को इस वर्ष लगभग आठ लाख श्रद्धालुओं और आगंतुकों के पहुंचने की उम्मीद है।

प्रदेश की पर्यटन मंत्री अजंता नेओग ने बुधवार काे संवाददाता सम्मेलन में बताया कि श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए तीन बड़े शिविर स्थापित किए गए हैं। बेहतर आवागमन सुनिश्चित करने के लिए सड़कों के मरम्मत और पुनः सतहीकरण का कार्य किया जा रहा है। साथ ही भीड़ प्रबंधन और सूचना प्रसारण के लिए सार्वजनिक उद्घोषणा प्रणाली की व्यवस्था भी की गई है।

उन्होंने कहा कि मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में स्वच्छता एवं सफाई को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांग श्रद्धालुओं के लिए विशेष सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं ताकि उन्हें किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

मेले के दौरान खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए खाद्य निरीक्षकों की तैनाती की गई है। मंत्री ने बताया कि इस वर्ष अब तक असम में लगभग 85 लाख घरेलू और 42 हजार विदेशी पर्यटक पहुंच चुके हैं, जो राज्य के पर्यटन क्षेत्र में बढ़ती रुचि को दर्शाता है।

गुवाहाटी के पुलिस उपायुक्त (यातायात) जयंत सारथी बोरा ने बताया कि मेले के दौरान नर्सरी प्वाइंट के आगे केवल आपातकालीन सेवाओं के वाहनों को ही जाने की अनुमति होगी। खाद्य सामग्री ले जाने वाले वाहन रात 11 बजे से सुबह 5 बजे तक ही संचालित हो सकेंगे। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पांडु मार्ग तथा सोनाराम स्कूल मैदान से फेरी सेवाओं की भी व्यवस्था की गई है।

यातायात व्यवस्था के तहत कई मार्गों पर डायवर्जन लागू रहेगा और सड़क किनारे वाहन खड़े करने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। प्रशासन ने विभिन्न स्थानों पर पार्किंग स्थल निर्धारित किए हैं।

पर्यटन विभाग के आयुक्त एवं सचिव दिगंत बोरा ने बताया कि श्रद्धालुओं को सुबह 5 बजे से शाम 6 बजे तक कामाख्या मंदिर की ओर जाने की अनुमति होगी। उन्होंने चेतावनी दी कि शराब या मादक पदार्थों के प्रभाव में पाए जाने वाले व्यक्तियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि मंदिर परिसर में प्रवेश करने वाले श्रद्धालुओं को जूते-चप्पल उतारकर ही आगे बढ़ना होगा। देश के विभिन्न हिस्सों से लाखों श्रद्धालुओं के आगमन को देखते हुए प्रशासन ने विश्वास जताया है कि सभी व्यवस्थाएं मेले को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और श्रद्धापूर्ण ढंग से संपन्न कराने में सहायक होंगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / श्रीप्रकाश

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