नागरिक उड्डयन मंत्रालय के यात्री सहायता नियंत्रण कक्ष से हो रहा है 98% सफल काम

युगवार्ता    17-Jun-2026
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नई दिल्ली, 17 जून (हि.स.)। पिछले वर्ष इंडिगो एयरलाइन्स के संकट के बाद नागरिक उड्डयन मंत्रालय द्वारा यात्री सहायता नियंत्रण कक्ष (पीएसीआर) हवाई यात्रियों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है। इस दौरान 75 हजार से अधिक शिकायताें में से 73 हजार से अधिक का संताेषजनक समाधान हुआ है और अब इसकी दक्षता काे शत प्रतिशत बनाने के लिए आर्टिफीशियल इंटेलिजेंस का प्रयाेग भी किया जाएगा।

नागरिक उड्डयन सचिव समीर कुमार सिन्हा ने आज यहां उड़ान भवन में संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि यात्री सहायता नियंत्रण कक्ष की आरंभिक सफलता के बाद इसकी दक्षता बढ़ाने के बारे में सोचा जा रहा है। इसके लिए एआई का भी प्रयोग किया जाएगा।

सिन्हा ने कहा कि पीएसीआर ने 98 प्रतिशत सफलता दर के साथ 73,000 से अधिक यात्रियों की शिकायतों का समाधान किया है।

नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने व्यवधानों के दौरान यात्रियों की शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए 24 x 7 यात्री सहायता नियंत्रण कक्ष (पीएसीआर) स्थापित किया है।पीएसीआर, नागरिक उड्डयन मंत्रालय के नेतृत्व में एयरलाइंस, हवाई अड्डों, नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए), नागरिक उडडयन सुरक्षा ब्यूरो (बीसीएएस) और भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) के प्रतिनिधियों को एक साथ लाता है, जिससे फंसे हुए यात्रियों को तत्काल सहायता सुनिश्चित होती है।

एयरसेवा, ईमेल, सोशल मीडिया और कॉल के माध्यम से प्राप्त शिकायतों को त्वरित कार्रवाई के लिए पीएसीआर में एकत्रित किया जाता है। 10 दिसंबर से अब तक 73,000 से अधिक यात्रियों की समस्याओं का समाधान किया जा चुका है, जिनकी कुल निवारण दर 98 प्रतिशत है।

नागरिक उडडयन मंत्रालय के अधिकारी प्रगति की समीक्षा करने के लिए प्रतिदिन पीएसीआर का दौरा करते हैं, जबकि वरिष्ठ अधिकारियों के लिए शिकायत निवारण पर नज़र रखने के लिए शिफ्ट-वार एक तकनीकी डैशबोर्ड तैयार किया जाता है। जिन मुद्दों का तुरंत समाधान नहीं होता, उन्हें आगे बढ़ाया जाता है और आवश्यकता पड़ने पर वरिष्ठ नेतृत्व से नीतिगत मार्गदर्शन प्राप्त किया जाता है।

पीएसीआर के कामकाज की निगरानी तीन स्तरों पर की जाती है। सहायक सेक्शन अधिकारी, अवर सचिव/सेक्शन अधिकारी और संयुक्त सचिव - और सक्षम प्राधिकारी को नियमित रिपोर्ट प्रस्तुत की जाती हैं, जो यात्री कल्याण, हितधारक समन्वय और जवाबदेही के प्रति नागरिक उडडयन मंत्रालय की प्रतिबद्धता को मजबूत करती हैं।

नागरिक उड्डयन मंत्रालय यह सुनिश्चित करेगा कि भारत का नागरिक उड्डयन तंत्र प्रत्येक यात्री के लिए उच्चतम स्तर की सहानुभूति, दक्षता और पारदर्शिता के साथ काम करता रहे।

हवाई अड्डों पर सस्ती दरों पर खानपान उपलब्ध कराने के बारे में सचिव ने कहा कि हवाई अड्डों पर उड़ान कैफे खोले जा रहे हैं जहां बीस रुपये की चाय एवं 40 रुपये का समाेसा मिलता है। इस समय तक करीब 35-36 हवाई अड्डाें पर ये कैफे खाेले जा चुके हैं। विमानाें के अंदर खाने पीने का सामान कई गुना महंगा बेचे जाने के बारे में उन्हाेंने कहा कि इस बारे में विचार विमर्श किया जा रहा है।

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हिन्दुस्थान समाचार / सचिन बुधौलिया

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