कुवैत सिटी/तेहरान, 18 जून (हि.स.)। ईरान और अमेरिका के बीच हुए समझौते के बाद क्षेत्रीय कूटनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। इसी क्रम में ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची और कुवैत के विदेश मंत्री शेख जर्राह जाबेर अल-अहमद अल-सबा के बीच टेलीफोन पर बातचीत हुई। दोनों नेताओं के बीच संघर्ष शुरू होने के बाद यह पहली आधिकारिक वार्ता बताई जा रही है।
कुवैत के विदेश मंत्रालय के अनुसार, वार्ता के दौरान क्षेत्रीय सुरक्षा, स्थिरता और समुद्री व्यापार से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई। कुवैती विदेश मंत्री ने उम्मीद जताई कि हालिया समझौता क्षेत्र में तनाव कम करने, होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने तथा लंबित विवादों के शांतिपूर्ण समाधान का मार्ग प्रशस्त करेगा।
वहीं ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने खाड़ी देशों के साथ निरंतर संवाद बनाए रखने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि बातचीत और सहयोग के माध्यम से आपसी विश्वास को मजबूत किया जा सकता है तथा शेष मतभेदों को दूर किया जा सकता है।
उल्लेखनीय है कि कुवैत उन खाड़ी देशों में शामिल रहा है, जो हाल के क्षेत्रीय तनावों से प्रभावित हुए। अप्रैल में संघर्षविराम की घोषणा के बाद भी क्षेत्र में सुरक्षा संबंधी चुनौतियां बनी रहीं। पिछले सप्ताह ईरान द्वारा कुवैत और बहरीन में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाए जाने की खबरें सामने आई थीं।
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हिन्दुस्थान समाचार / आकाश कुमार राय