नेपाल राष्ट्र बैंक के निदेशक, सीईओ और वरिष्ठ प्रबंधन को देना होगा संपत्ति का विवरण

युगवार्ता    18-Jun-2026
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नेपाल राष्ट्र बैंक


काठमांडू, 18 जून (हि.स.)। नेपाल राष्ट्र बैंक ने देश के सभी निजी बैंकों तथा वित्तीय संस्थानों के लिए नया निर्देश जारी किया है। अब बैंक के मालिकों, निदेशकों, सीईओ और उच्च पदों पर तैनात अधिकारियों के लिए न सिर्फ व्यक्तिगत, बल्कि पूरे परिवार का संपत्ति विवरण जमा करना अनिवार्य कर दिया गया है।

नेपाल राष्ट्र बैंक ने गुरुवार को बैंक तथा वित्तीय संस्थानों को सर्कुलर भेजकर यह व्यवस्था लागू की है। बैंक ने १ महीने के भीतर इन सभी को परिवार सहित का संपत्ति विवरण जमा करने को कहा गया है। अब निदेशक, सीईओ और उच्च व्यवस्थापकीय पदों पर नियुक्त या मनोनीत होने वाले व्यक्तियों को संबंधित व्यवसाय से जुड़े प्रचलित कानूनों के अनुसार निर्धारित मापदंडों का पालन करने संबंधी स्वघोषणा देना होगा। इसके साथ ही संबंधित व्यक्ति को अपने पारिवारिक विवरण तथा नेपाल या विदेश में किसी अपराध में संलग्न रहे या नहीं, इसकी स्वघोषणा भी देनी होगी। यदि किसी मामले में संलग्न रहे हों, तो उसका विस्तृत विवरण और वर्तमान स्थिति भी बतानी होगी।

इसी प्रकार किसी भी प्रकार के मुकदमे, जांच, वैकल्पिक विवाद समाधान प्रक्रिया या न्यायिक अथवा प्रशासनिक कार्रवाई में शामिल रहे या नहीं, इसकी जानकारी भी अनिवार्य रूप से देनी होगी। यदि ऐसी कोई स्थिति हो, तो उसका पूरा विवरण राष्ट्र बैंक को उपलब्ध कराना होगा। साथ ही अदालत या अधिकारप्राप्त निकाय के आदेश के अनुसार भुगतान योग्य टैक्स, सरकारी बकाया या अन्य देनदारियां हैं या नहीं, इसकी भी स्वघोषणा देनी होगी।

राष्ट्र बैंक ने यह भी अनिवार्य किया है कि संबंधित व्यक्ति को नेपाल या विदेश में कर्ज संबंधी ब्लैकलिस्ट या इसी प्रकार की किसी सूची में शामिल होने की जानकारी देनी होगी। साथ ही संभावित हितों के टकराव की स्थिति का भी खुलासा करना होगा। नेपाली नागरिक को नेपाल के बाहर किसी संपत्ति के स्वामित्व अथवा किसी संपत्ति में वास्तविक मालिक या लाभार्थी की जानकारी भी देनी होगी। इसके अलावा पिछले कार्य अनुभव, संबंधित संस्थाएं, निभाई गई जिम्मेदारियां, प्राप्त पुरस्कार, सजा की स्थिति तथा कार्य सफलता के उदाहरण सहित पेशेवर अनुभव का विस्तृत विवरण भी जमा करना होगा।

राष्ट्र बैंक ने वित्तीय आचरण से संबंधित विवरण प्रस्तुत करना भी अनिवार्य किया है। यदि इन विवरणों में भविष्य में कोई परिवर्तन होता है, तो अद्यावधिक जानकारी भी राष्ट्र बैंक में जमा करनी होगी। इसके अतिरिक्त अब एक बार में या कई चरणों में मिलाकर चुकता पूंजी के कुल 5 प्रतिशत या 25 लाख रुपये से अधिक के संस्थापक शेयर खरीदने या बेचने पर वास्तविक मालिक या लाभार्थी व्यक्ति का विवरण भी राष्ट्र बैंक को देना अनिवार्य होगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / पंकज दास

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