सहकारी बैंकों को साझा डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ने पर जोर, अमित शाह ने सहकारी क्षेत्र के राष्ट्रीय रोडमैप की समीक्षा की

युगवार्ता    18-Jun-2026
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केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह गुरुवार को समीक्षा बैठक के दौरान


नई दिल्ली, 18 जून (हि.स.)। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को सहकारी बैंकिंग, जैविक उत्पादों और सहकारी निर्यात को सशक्त बनाने के लिए चल रही राष्ट्रीय स्तर की पहलों की समीक्षा की और सहकारी बैंकों से साझा डिजिटल प्लेटफॉर्म, साइबर सुरक्षा प्रणाली तथा साझा सेवाओं को शीघ्र अपनाने का आह्वान किया।

यहां आयोजित समीक्षा बैठकों में सहकारिता राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर, सहकारिता मंत्रालय के सचिव डॉ. आशीष कुमार भूटानी, नाबार्ड के अध्यक्ष शाजी के.वी. सहित मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी और विभिन्न सहकारी संस्थाओं के प्रतिनिधि शामिल हुए।

बैठक में अमित शाह ने सहकारी बैंकिंग क्षेत्र को तकनीक, बेहतर प्रशासन, साइबर सुरक्षा, डिजिटल भुगतान और साझा सेवा मंचों के माध्यम से मजबूत बनाने के प्रयासों की प्रगति की समीक्षा की। इस दौरान प्रस्तावित ‘कोऑपरेटिव बैंक ऑफ इंडिया’ (सीओबीआई) की भूमिका पर भी चर्चा हुई।

शाह ने कहा कि सभी ग्रामीण सहकारी बैंकों को ‘सहकार सारथी प्राइवेट लिमिटेड’ (एसएसपीएल) तथा सभी शहरी सहकारी बैंकों को राष्ट्रीय शहरी सहकारी वित्त एवं विकास निगम (एनयूसीएफडीसी ) का सदस्य बनना चाहिए और उनकी सेवाओं का लाभ उठाना चाहिए। उन्होंने कहा कि ये संस्थाएं आने वाले समय में सहकारी बैंकिंग क्षेत्र को मजबूती प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।

अमित शाह ने ज़ोर दिया कि सभी ग्रामीण सहकारी बैंकों को 'सहकार सारथी प्राइवेट लिमिटेड' का और सभी शहरी सहकारी बैंकों को एनयूसीएफडीसी का सदस्य बनना चाहिए और इन संस्थाओं की सेवाओं का लाभ भी उठाना चाहिए। उन्होंने आने वाले समय में सहकारी बैंकिंग क्षेत्र को मज़बूत करने में सीओबीआई, एसएसपीएल और एनयूसीएफडीसी की अहम भूमिका पर भी जोर दिया।

बैठक में बताया गया कि सहकार सारथी ने आधार सक्षम भुगतान प्रणाली (एईपीएस) सेवाएं शुरू कर दी हैं और चुनिंदा सहकारी बैंकों में ई-केवाईसी सुविधा भी चालू हो चुकी है। अगस्त 2026 तक 100 सहकारी बैंकों को इस प्रणाली से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। इससे सहकारी बैंकों के लिए डिजिटल बैंकिंग सेवाओं की लागत में उल्लेखनीय कमी आई है।

समीक्षा के दौरान ‘म्यूलहंटर.एआई’ को भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (आई4सी) से जोड़ने की प्रगति पर भी चर्चा हुई। शाह ने कहा कि इससे सहकारी बैंकों की धोखाधड़ी जोखिम प्रबंधन क्षमता और साइबर सुरक्षा तैयारियां मजबूत होंगी तथा डिजिटल बैंकिंग सेवाओं में ग्राहकों का भरोसा बढ़ेगा।

उन्होंने कहा कि एनयूसीएफडीसी सभी शहरी सहकारी बैंकों को एक साझा मंच पर लाने और उन्हें तकनीकी समाधान, साझा सेवाएं तथा संस्थागत सहयोग उपलब्ध कराने की दिशा में काम कर रहा है।

एक अलग समीक्षा बैठक में शाह ने राष्ट्रीय सहकारी ऑर्गेनिक्स लिमिटेड (एनसीओएल) और राष्ट्रीय सहकारी निर्यात लिमिटेड (एनसीईएल) की गतिविधियों और भविष्य की कार्ययोजना का आकलन किया। उन्होंने निर्देश दिया कि एनसीओएल देशभर के अधिक से अधिक जैविक किसानों से खरीद बढ़ाए तथा परीक्षण, प्रमाणन, गुणवत्ता आश्वासन और बाजार संपर्क की व्यवस्था को मजबूत करे ताकि किसानों को बेहतर मूल्य मिल सके।

उन्होंने कहा कि एनसीईएल को सहकारी उत्पादों के लिए वैश्विक बाजारों में नए अवसर तलाशने चाहिए और विभिन्न मंत्रालयों एवं विभागों के साथ मिलकर सहकारी निर्यात को बढ़ावा देना चाहिए। मूल्य संवर्धित और विशिष्ट उत्पादों के निर्यात पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है।

शाह ने ‘को-ऑप मार्क’, डिजिटल मार्केटप्लेस और अंतरराष्ट्रीय विस्तार योजनाओं की समीक्षा करते हुए कहा कि इन पहलों से सहकारी उत्पादों की ब्रांड पहचान मजबूत होगी, बाजार तक पहुंच बढ़ेगी और वैश्विक स्तर पर उनकी प्रतिस्पर्धात्मकता में वृद्धि होगी।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘सहकार से समृद्धि’ के विजन के अनुरूप सहकारिता मंत्रालय नवाचार, वित्तीय समावेशन, डिजिटल परिवर्तन, टिकाऊ कृषि और किसानों के लिए बेहतर बाजार उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुशील कुमार

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