
काठमांडू, 19 जून (हि.स.)। नेपाल सरकार प्रशासनिक सुधार के नाम पर करीब १८ हजार पुराने और अनुभवी कर्मचारियों को समय से पहले घर भेजने की तैयारी में है। अध्यादेश के माध्यम से कानून लाकर चपरासी से लेकर सचिव स्तर तक के लगभग 18 हजार कर्मचारियों को एक साथ अवकाश देने की योजना बनाई जा रही है। यदि यह प्रावधान लागू हुआ तो वर्तमान में कार्यरत केवल 18–20 सचिव ही पद पर बने रहेंगे।
इस समय 55 वर्ष आयु पूरी कर चुके सचिवों की संख्या 32 , जबकि 30 वर्ष सेवा अवधि पूरी कर चुके सचिव 20 हैं। 30 और 55 वर्ष के प्रावधान से प्रभावित न होने वाले विशिष्ट श्रेणी के कर्मचारियों की संख्या केवल 18 है। इनमें हाल ही में उपराष्ट्रपति कार्यालय में स्थानांतरित हुई चन्द्रकला पौडेल, भूमि सचिव मदन भुजेल, पर्यटन सचिव मुकुन्द प्रसाद निरौला, लोक सेवा सचिव रामेश्वर दंगाल, युवा, श्रम तथा रोजगार सचिव डॉ. दीपक काफ्ले, महिला, बालबालिका, लैंगिक तथा यौनिक अल्पसंख्यक एवं सामाजिक सुरक्षा मंत्रालय की सचिव राधिका अर्याल, सूचना एवं संचार मंत्रालय की लक्ष्मीकुमारी बस्नेत, सचिव नारायण प्रसाद शर्मा दुवाडी तथा ऊर्जा, जलस्रोत एवं सिंचाई क्षेत्र की सचिव सरिता दवाडी शामिल हैं।
सहसचिव स्तर के 180 अनुभवी कर्मचारी 55 वर्ष आयु सीमा के कारण अवकाश पर भेजे जाएंगे, जबकि 30 वर्ष सेवा अवधि के कारण 88 राजपत्रांकित प्रथम श्रेणी के कर्मचारी प्रभावित होंगे। इन दोनों प्रावधानों से अप्रभावित सहसचिवों की संख्या केवल 75 रह जाएगी। उपसचिव स्तर पर 55 वर्ष आयु सीमा के कारण 501 कर्मचारी और 30 वर्ष सेवा अवधि के कारण 259 कर्मचारी सेवा से बाहर होंगे। इन दोनों प्रावधानों से अप्रभावित राजपत्रांकित द्वितीय श्रेणी के कर्मचारियों की संख्या केवल 180 है।
शाखा अधिकृत स्तर के 2154 कर्मचारी एक साथ प्रभावित होंगे। वहीं, 30 वर्ष सेवा अवधि के कारण राजपत्रांकित तृतीय श्रेणी के 1947 कर्मचारी अवकाश पर जाएंगे। इस श्रेणी में 1060 कर्मचारी ऐसे हैं जो इन प्रावधानों से प्रभावित नहीं होंगे। राजपत्र अनंकित श्रेणी के 2154 कर्मचारी 55 वर्ष आयु पूरी कर चुके हैं, जबकि 1947 कर्मचारी 30 वर्ष सेवा अवधि के आधार पर सेवानिवृत्त होंगे। निचले स्तर के 1060 कर्मचारी इन दोनों प्रावधानों से बाहर रहेंगे।
आंकड़ों के अनुसार, खरिदार से मुख्य सचिव स्तर तक 3637 कर्मचारी 55 वर्ष आयु सीमा के कारण और 2801 कर्मचारी 30 वर्ष सेवा अवधि के कारण सेवा से बाहर होंगे। वहीं सहायक से लेकर अधिकृत 12वें स्तर तक 4135 कर्मचारी 55 वर्ष आयु सीमा से प्रभावित होंगे, जबकि 3304 कर्मचारी 30 वर्ष सेवा अवधि से प्रभावित होंगे। कुल मिलाकर लगभग 7439 कर्मचारी प्रत्यक्ष रूप से प्रभावित हो सकते हैं, जबकि स्तर और श्रेणी के आधार पर लगभग 6438 कर्मचारियों के अवकाश पर जाने का अनुमान है।
सरकार इसी जुलाई के अंत से 30 वर्ष सेवा अवधि या 55 वर्ष आयु पूरी कर चुके सभी कर्मचारियों को अवकाश देने के लिए विशेष व्यवस्था लाने की तैयारी कर रही है। एक चरण में इस व्यवस्था को लागू कर वास्तविक आयु सीमा पहले आर्थिक वर्ष में 59 वर्ष और दूसरे वर्ष में 60 वर्ष बनाए रखने की योजना है। हालांकि, वित्त मंत्रालय ने वित्तीय संसाधनों की कमी का हवाला देते हुए इस पर आपत्ति जताई है। इसके बावजूद संघीय मामिला मंत्री प्रतिभा रावल और कानून मंत्री सोविता गौतम के विशेष दबाव में यह योजना आगे बढ़ रही है, जिससे राज्य पर करीब 25 अरब रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ सकता है।
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हिन्दुस्थान समाचार / पंकज दास