थोक मूल्य सूचकांक होगा समाप्त, उत्पादक मूल्य सूचकांक अपनाएगी सरकार

युगवार्ता    02-Jun-2026
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थोक मूल्य सूचकांक के लोगो का प्रतीकात्मक चित्र


नई दिल्ली, 02 जून (हि.स)। केंद्र सरकार ने थोक मूल्य सूचकांक (डब्ल्यूपीआई) के लिए आधार वर्ष को 2011-12 से बदलकर 2022-23 करने और उत्पादक मूल्य सूचकांकों (पीपीआई) को मंजूरी दे दी है। नई श्रृखंला के आधार पर थोक महंगाई और पीपीआई का पहला आंकड़ा 15 जून को जारी किया जाएगा।

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के मुताबिक केंद्र सरकार थोक मूल्य सूचकांक (डब्ल्यूपीआई) को धीरे-धीरे समाप्त करेगी, जिसकी जगह पर उत्पादन, कच्चे माल और सेवाओं की कीमतों को शामिल करने वाला एक विस्तृत उत्पादक मूल्य सूचकांक (पीपीआई) को लागू किया जायेगा। इसका मकसद अर्थव्यवस्था में मुद्रास्फीति के रुख का अधिक वास्तविक आकलन करना है। मंत्रालय ने कहा कि मूल्य वृद्धि संबंधी प्रावधानों में थोक मूल्य सूचकांक (डब्ल्यूपीआई) के व्यापक उपयोग को देखते हुए यह सूचकांक पीपीआई के साथ संशोधित श्रृंखला जारी होने की तारीख से 5 वर्षों तक जारी किया जाएगा, जिसके बाद इसे समाप्त कर दिया जाएगा।

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के प्रधान आर्थिक सलाहकार प्रवीण महतो ने बताया कि वर्तमान डब्ल्यूपीआई आधार वर्ष 2011-12 श्रृंखला मई, 2017 में पेश किया गया था। अब उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) 15 जून को नए आधार वर्ष 2022-23 के साथ डब्ल्यूपीआई की संशोधित श्रृंखला को जारी करेगा, यह आधार वर्ष 2011-12 वाली मौजूदा श्रृंखला का स्थान लेगा। महतो ने कहा कि पांच साल के बाद पीपीआई द्वारा डब्ल्यूपीआई को प्रतिस्थापित किए जाने की उम्मीद है। डब्ल्यूपीआई से पीपीआई में बदलाव विकसित अर्थव्यवस्थाओं में अपनाई गई वैश्विक सर्वोत्तम गतिविधियों और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) की सिफारिशों के अनुरूप है।

इसके अलावा वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय 15 जून को बैंकिंग, प्रतिभूति लेनदेन, बीमा, पेंशन कोष प्रबंधन, रेलवे, हवाई (यात्री) और दूरसंचार के लिए उत्पादक मूल्य सूचकांक (ओपीपीआई), परीक्षण कच्चा माल उत्पादक मूल्य सूचकांक (आईपीपीआई) और सेवा उत्पादक मूल्य सूचकांक (सर्विस पीपीआई) की एक नई श्रृंखला जारी करेगा, जिसका आधार वर्ष 2022-23 होगा। डीपीआईआईटी के मुताबिक डब्ल्यूपीआई और उत्पादन पीपीआई मासिक आधार पर संकलित किए जा रहे हैं। मासिक परीक्षण कच्चा माल पीपीआई (केवल विनिर्माण क्षेत्र के लिए) मार्च से प्रायोगिक आधार पर प्रकाशित किया जाएगा।

आर्थिक सलाहकार कार्यालय के उप महानिदेशक दिलीप कुमार सिन्हा ने विश्व उत्पाद सूचकांक (डब्ल्यूपीआई) की नई श्रृंखला (2022-23) के बारे में कहा कि वस्तुओं की कुल संख्या 697 से बढ़कर 957 हो गई है। उन्होंने बताया कि सौर और पवन ऊर्जा जैसे नए ऊर्जा स्रोतों को विद्युत समूह में शामिल किया गया है। इसके अतिरिक्त, परमाणु ऊर्जा को भी इस समूह में शामिल किया गया है। इसी प्रकार कच्चे पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस को प्राथमिक वस्तुओं से हटाकर ईंधन और बिजली समूह में रखा गया है।

उल्लेखनीय है कि 1942 में आधार वर्ष 1939 के साथ डब्ल्यूपीआई की शुरुआत के बाद से इसमें 7 बार संशोधन हुए हैं। इनमें नए आधार वर्ष 1952-53, 1961-62, 1970-71, 1981-82, 1993-94, 2004-05 और 2011-12 शामिल किए गए हैं। वर्तमान डब्ल्यूपीआई आधार वर्ष 2011-12 श्रृंखला मई, 2017 में पेश की गई थी। पश्चिम एशिया संकट के बीच ऊर्जा की कीमतों में आई तेजी के चलते अप्रैल में थोक महंगाई दर 42 महीनों के उच्चतम स्तर 8.3 फीसदी पर पहुंच गई है।

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हिन्दुस्थान समाचार / प्रजेश शंकर

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