
रायपुर, 22 जून (हि.स.)। छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले की अकलतरा पुलिस ने एक संदिग्ध युवक को रविवार देर रात गिरफ्तार किया है। पुलिस का आरोप है कि वह पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के स्लीपर सेल से जुड़ा है। जिसकी पहचान पंजाब के तरन तारण निवासी सेवक सिंह (23 वर्ष) के रूप में हुई है।
पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पांडेय के निर्देश पर की गई कार्रवाई के बाद अकलतरा थाने में आरोपित के खिलाफ देश विरोधी गतिविधियों के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 152 और 61(2) के तहत अपराध दर्ज किया गया है। पकड़ा गया सदस्य अकलतरा में मिनी माता चौक में स्थित राजीव केडिया के मकान में किराएदार था। सेवक सिंह पर खुफिया जानकारी पाकिस्तान को भेजने का गंभीर आरोप है। सेवक सिंह क्षेत्र के जेएस डब्बलू पावर कम्पनी में अपने एक रिश्तेदार के माध्यम से ठेका श्रमिक के रूप में काम भी कर रहा था।
जांजगीर चांपा पुलिस के अधिकारियों ने जानकारी दी है कि जांच में पकड़े गए युवक सेवक सिंह के मोबाइल कॉल डिटेल से संदिग्ध नंबरों पर वीडियो कॉलिंग और वाट्सएप चैट किए गए हैं। वीडियो कॉलिंग और कॉल रिकार्ड के आधार पर युवक के आईएसआई के स्लीपर सेल के सदस्य होने की पुष्टि हुई है। पुलिस ने आरोपित के खिलाफ अपराध दर्ज कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।मामले की गंभीरता और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े होने के कारण जांजगीर-चांपा पुलिस ने एंटी टेररिस्ट स्क्वाड को इस गिरफ्तारी की जानकारी दी है।
एसपी विजय कुमार पांडेय ने बताया कि आरोपित ने छत्तीसगढ़ के कई महत्वपूर्ण व्यक्तियों के साथ संवेदनशील स्थानों, वाहनों की लोकेशन और वीडिओ भी संदिग्ध नंबरों पर शेयर किया है। आरोपित सेवक सिंह ने अकलतरा में पावर कंपनी और बिलासपुर जिले के सीपत में संचालित नेशनल थर्मल पावर कॉर्पोरेशन की लोकेशन और वीडियो पाकिस्तान के संदिग्ध नंबरों पर भेजे थे।आरोपित का मोबाइल जब्त करने पर उसमें पाकिस्तान, सऊदी अरब और मेक्सिको के कई संदिग्ध नंबर मिले हैं। इसके अलावा मोबाइल में पाकिस्तान स्थित हैंडलर्स के साथ किए गए व्हाट्सएप चैट्स, वीडियो कॉल और वॉयस रिकॉर्डिंग्स जैसे पुख्ता डिजिटल सबूत मिले हैं।
पुलिस का कहना है कि शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि वह सीमा पार से हथियारों की सप्लाई को लेकर चर्चा कर रहा था। आईएसआई इस स्लीपर सेल के माध्यम से कुछ बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में थे, जिसका प्रमाण उसके मोबाइल फोन में किए गए चैट से मिला है। सेवक सिंह जब पंजाब जाता, तब उसे पाकिस्तान से ड्रोन के माध्यम से हथियार या आतंकी सामान भेजने की तैयारी थी, जिसका उपयोग टारगेट किलिंग के लिए किया जा सकता था।
आरोपित के मोबाइल को डेटा रिकवरी और आगे के तकनीकी विश्लेषण के लिए फॉरेंसिक साइंस लैबोरेटरी भेजा गया है।जबकि बैंक खातों की भी जांच की जा रही है।
----------------
हिन्दुस्थान समाचार / केशव केदारनाथ शर्मा