
नई दिल्ली, 22 जून (हि.स)। पश्चिम एशिया संकट के बीच अर्थव्यवस्था के र्मोचे पर झटका लगने वाली खबर है। देश के आठ बुनियादी उद्योगों (कोर सेक्टर) की वृद्धि दर मई में सुस्त पड़कर सात महीने के निचले स्तर 0.5 फीसदी पर रही। इससे पिछले महीने अप्रैल में यह वृद्धि दर 1.8 फीसदी रही थी।
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने सोमवार को आंकड़ों में बताया कि कोयला, कच्चा तेल और रिफाइनरी उत्पादों के उत्पादन में गिरावट के कारण बुनियादी उद्योगों की वृद्धि दर में सुस्ती आई है। आंकड़ों के मुताबिक आठ बुनियादी उद्योगों की वृद्धि दर मई में 0.5 फीसदी पर रही। इससे पिछले महीने अप्रैल में यह वृद्धि दर 1.8 फीसदी थी, जबकि मई, 2025 में 1.2 फीसदी रही थी।
मंत्रालय के मुताबिक इस गिरावट को सीमेंट, स्टील और बिजली क्षेत्रों के शानदार प्रदर्शन ने संभाला है। लेकिन, कोयला, कच्चा तेल, प्राकृतिक गैस, रिफाइनरी उत्पादों और उर्वरक के उत्पादन वृद्धि में गिरावट आई।
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के मुताबिक आठ प्रमुख उद्योगों की वृद्धि दर चालू वित्त वर्ष 2026-27 में अप्रैल-मई के दौरान 1.1 फीसदी पर स्थिर रही। इससे पहले बीते वर्ष अक्टूबर में आठ बुनियादी उद्योगों के उत्पादन में 0.1 फीसदी में गिरावट आई थी।
देश के आर्थिक और बुनियादी ढांचे की रीढ़ आठ प्रमुख बुनियादी उद्योग हैं। ये सभी उद्योग औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आआईपी) के कुल भारांक का लगभग 40.27 फीसदी हिस्सा होता है। इनमें पेट्रोलियम रिफाइनरी उत्पाद, बिजली, इस्पात कोयला, कच्चा तेल, प्राकृतिक गैस, सीमेंट और उर्वरक है।
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हिन्दुस्थान समाचार / प्रजेश शंकर