मुंबई, 22 जून (हि.स.)। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मानसून सत्र के पहले दिन यानी सोमवार को 97,706.40 करोड़ रुपये की अनुपूरक मांगें विधानसभा में पेश की। इसमें कृषि ऋण माफी योजना के लिए 20,552 करोड़, अपरिहार्य व्यय के लिए 13,825.71 करोड़, कार्यक्रम संबंधी खर्च के लिए 66,559.40 करोड़ और केंद्र प्रायोजित योजनाओं के 17,321.29 करोड़ रुपये शामिल है। इससे राज्य के खजाने पर 74,817.66 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।
राज्य के खजाने पर दबाव दिन-ब-दिन बढ़ता जा रहा है। इस वजह से राज्य सरकार को केवल तीन महीनों में 97,706 करोड़ की अनपूरक मांग पेश करने पर मजबूर होना पड़ा है. सरकार के अनुसार 97,706.40 करोड़ रुपये की सकल मांगों के बावजूद समायोजन और वसूली के कारण वास्तविक वित्तीय बोझ 74,817.66 करोड़ रुपये होगा। सरकार ने ‘पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होलकर शेतकरी कर्जमुक्ति योजना’ के लिए 20,552 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। केंद्र की ‘राज्यों को पूंजी निवेश के लिए विशेष सहायता’ योजना के तहत ब्याज-मुक्त ऋणों के लिए 10,007.10 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। महाराष्ट्र राज्य विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड (एमएसईडीसीएल) के कर्ज और ब्याज के भुगतान के लिए 8,000 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं। ‘विकसित भारत–रोजगार व आजीविका मिशन (ग्रामीण)’ कार्यक्रम के लिए 7,367.32 करोड़ रुपये का प्रस्ताव रखा गया है। इसमें केंद्र और राज्य दोनों का हिस्सा शामिल है। सरकारी कार्यालयों के बिजली बिल के भुगतान के लिए एकीकृत बिलिंग प्रणाली के तहत 4,000 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। एएमआरयूटी 2.0 मिशन के लिए 3,076 करोड़ रुपये की अनुपूरक मांग रखी गई है। नासिक सिंहस्थ कुंभ मेले के लिए 3,000 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं। कृषि पंपों, पावरलूम, वस्त्र व औद्योगिक ग्राहकों के लिए बिजली दर अनुदान के लिए 2,722.42 करोड़ और ट्यूशन व परीक्षा शुल्क को कवर करने वाली छात्रवृत्ति योजनाओं के लिए 2,360.06 करोड़ रुपये की मांग की गई है।
- ऊर्जा और अन्य योजनाएं- 8,000 करोड़ रुपये
- विकसित भारत-रोजगार व आजीविका मिशन' के लिए 7,367.32 करोड़ रुपये
- श्रवणबाल सेवा राज्य पेंशन योजना- 2,000 करोड़ रुपये
- संजय गांधी निराधार योजना के तहत दिव्यांग व सामान्य वर्ग के लाभार्थियों के लिए 1,874.38 करोड़
- आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के मानदेय व वेतन के लिए 1,734.92 करोड़ रुपये
- विदर्भ सिंचाई विकास निगम की परियोजनाओं के लिए 1,100 करोड़ रुपये
- स्वच्छ महाराष्ट्र अभियान (शहरी) 2.0 के लिए 1,000 करोड़ रुपये
- रेवास-रेड्डी तटीय राजमार्ग परियोजना के लिए 1,000 करोड़ रुपये
- नासिक सिंहस्थ कुंभ मेले के लिए 3,000 करोड़ रुपये
- रोजगार गारंटी योजनाओं के लिए 942.50 करोड़ रुपये
- जिला केंद्रीय सहकारी बैंकों में इक्विटी योगदान के रूप में 777 करोड़ रुपये
- महात्मा ज्योतिराव फुले जन आरोग्य योजना के लिए 744.45 करोड़ रुपये
- पंढरपुर श्री विट्ठल-रुक्मिणी मंदिर परिसर के विकास के लिए 600 करोड़ रुपये
- सहकारिता, विपणन व वस्त्र विभाग के लिए 22,015.42 करोड़ रुपये का
- नगर विकास विभाग को 15,152.43 करोड़ रुपये
- उद्योग, ऊर्जा, श्रम व खनन विभाग को 14,760.48 करोड़ रुपये
- वित्त विभाग- 9,934 करोड़ रुपये
- योजना विभाग- 9,539.03 करोड़ रुपये
- लोक निर्माण विभाग - 5,361.90 करोड़ रुपये
- सामाजिक न्याय विभाग- 3,481.01 करोड़ रुपये
- स्वास्थ्य विभाग- 3,061.26 करोड़ रुपये
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हिन्दुस्थान समाचार / वी कुमार