क्रास वोटिंग मामले में भाजपा नेतृत्व ने दी सख्त हिदायत, पार्टी के साथ विश्वासघात करने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई

युगवार्ता    23-Jun-2026
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कर्नाटक प्रदेश अध्यक्ष बी वाई विजयेंद्र और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आर अशोक


नई दिल्ली, 23 जून (हि.स.)। कर्नाटक विधान परिषद चुनाव में कथित क्रॉस-वोटिंग के मामले में भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष नितिन नवीन ने मंगलवार को प्रदेश अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र से नाराजगी जताई। उन्होंने स्पष्ट संदेश दिया कि जो लोग क्रॉस-वोटिंग करके पार्टी के साथ विश्वासघात करेंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

बैठक में नितिन नवीन ने 2028 में होने वाले विधानसभा चुनावों में एकजुट होकर लड़ने और पार्टी की जीत सुनिश्चित करने की सलाह दी है। भाजपा मुख्यालय में हुई बैठक में कर्नाटक विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आर अशोक भी मौजूद रहे।

बैठक के बाद कर्नाटक प्रदेश अध्यक्ष ने मीडिया को बताया कि विपक्ष के नेता आर. अशोक और वरिष्ठ नेताओं के साथ एमएलसी चुनावों के दौरान हुई क्रॉस-वोटिंग पर एक शुरुआती रिपोर्ट सौंपने के लिए अध्यक्ष नितिन नवीन से मिले। प्रदेश इकाई ने इस मामले को बहुत गंभीरता से लिया है और इसकी जांच के लिए पहले ही एक जांच समिति बनाने की घोषणा कर दी गई है। अब पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने भरोसा दिलाया है कि जो लोग क्रॉस-वोटिंग करके पार्टी के साथ विश्वासघात करेंगे, उनके खिलाफ हम खुद कार्रवाई करेंगे। हमें 2028 के चुनावों में एकजुट होकर लड़ने और पार्टी की जीत सुनिश्चित करने की सलाह दी है और हम उसी के अनुसार आगे बढ़ेंगे।

कर्नाटक विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आर अशोक ने कहा कि एमएलसी चुनाव में भाजपा के दो उम्मीदवारों की जीत हुई। पार्टी के 2-3 विधायकों ने भाजपा के खिलाफ क्रॉस-वोटिंग की। उन्होंने कहा कि यह पार्टी के साथ धोखा है और इसे हल्के में नहीं लिया जाएगा। आज भाजपा अध्यक्ष से मिलकर कर्नाटक में हुई क्रॉस-वोटिंग के पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी गई। पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व को सभी तथ्यों से अवगत कराया गया।

उन्होंने कहा कि पार्टी इस मामले को लेकर गंभीर है और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि भाजपा नेतृत्व इस मुद्दे पर उचित निर्णय लेगा। उल्लेखनीय है कि हाल ही में हुए कर्नाटक विधान परिषद चुनाव में कांग्रेस को 7 में से 5 सीटों पर जीत मिली थी।

इससे पहले विजयेंद्र ने सुझाव दिया था कि संदिग्ध विधायकों को भगवान मंजुनाथ के समक्ष शपथ दिलाई जाए, ताकि क्रॉस-वोटिंग की सच्चाई सामने आ सके। हालांकि, पार्टी ने अब इस प्रस्ताव को लागू नहीं करने का फैसला किया।

भाजपा ने मामले की जांच के लिए एक तथ्य-खोज समिति (फैक्ट-फाइंडिंग पैनल) गठित की है। यह समिति चुनाव के दौरान हुए मतदान की परिस्थितियों की जांच करेगी और कथित तौर पर पार्टी लाइन से हटकर मतदान करने वालों की पहचान करने का प्रयास करेगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / विजयालक्ष्मी

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