
-एमएसएमई फाइनेंसिंग को बढ़ावा देने के लिए ट्रेड्स प्लेटफॉर्म के लिए अंतिम नियम जारी
नई दिल्ली/मुंबई, 23 जून (हि.स)। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) ने छोटे व्यवसायों को कार्यशील पूंजी हासिल करने में मदद के लिए ट्रेड्स प्लेटफॉर्म पर ऑनबोर्डिंग की प्रक्रिया को बहुत आसान बना दिया है। रिजर्व बैंक ने मंगलवार को व्यापार प्राप्ति छूट प्रणाली (ट्रेड्स) प्लेटफॉर्म के लिए अंतिम निर्देश जारी किए हैं।
रिजर्व बैंक (व्यापार प्राप्तियां छूट प्रणाली) निर्देश, 2026 के मुताबिक ‘‘आवेदक का न्यूनतम नेटवर्थ 25 करोड़ रुपये होना चाहिए। साथ ही उसे अपने वैधानिक ऑडिटर से निर्धारित प्रारूप में एक प्रमाण पत्र जमा करना होगा।’’ ट्रेड्स प्लेटफॉर्म को चलाने के लिए अधिकृत मौजूदा संस्थाओं को यह सुनिश्चित करना होगा कि 31 मार्च, 2028 तक नेटवर्थ की शर्त पूरी हो जाए। इसके लिए न्यूनतम नेटवर्थ को लगातार बनाए रखना होगा।
आरबीआई के अनुसार ट्रेड्स प्लेटफॉर्म को विक्रेता के इनवॉइस/बिल को अपलोड करने, बोली लगाने, छूट और निपटान की सुविधा के लिए प्रतिभागियों को एक साथ लाना चाहिए। साथ ही मंच को अपलोड किए गए इनवॉइस/बिल की वास्तविकता की जांच के लिए एक उपयुक्त व्यवस्था बनानी चाहिए। केंद्रीय बैंक ने कहा, ‘‘प्लेटफॉर्म को किसी भी अधिकृत भुगतान प्रणाली का उपयोग करके व्यापार प्राप्तियों के एवज में वित्त पोषण के लिए वित्त पोषक और विक्रेता के बीच और देय तिथि पर खरीदार तथा वित्त पोषक के बीच लेन-देन के कुशल और निर्बाध निपटान की सुविधा देनी चाहिए।’’
उल्लेखनीय है कि ट्रेड्स एक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म है, जो छोटे व्यवसायों को कार्यशील पूंजी पाने के लिए बैंकों और अन्य वित्तीय संस्थानों को अपने बिल या ट्रेड रिसीवेबल्स यानी व्यापार प्राप्तियों की नीलामी करने में मदद करता है। इसका मकसद एमएसएमई विक्रेताओं के लिए इससे जुड़ने की प्रक्रिया को सुगम बनाना और वित्त पोषकों को निवेश के लिए ऋण गारंटी का फायदा उठाने की सुविधा देना है।
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हिन्दुस्थान समाचार / प्रजेश शंकर