
नई दिल्ली, 23 जून (हि.स.)। केंद्रीय बंदरगाह, पोत परिवहन एवं जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने कहा कि वीओ चिदंबरनार पोर्ट प्राधिकरण (वीओसी पोर्ट) भारत में सतत समुद्री विकास का मॉडल बनकर उभरा है। बंदरगाह ने कार्बन उत्सर्जन में 45 प्रतिशत की कमी हासिल की है और नवीकरणीय ऊर्जा अब पोर्ट की कुल ऊर्जा खपत का लगभग 94 प्रतिशत पूरा कर रही है।
सोनोवाल ने वीओसी पोर्ट में आयोजित कार्यक्रम में पोर्ट की पहली सस्टेनेबिलिटी रिपोर्ट जारी की और कहा कि यह उपलब्धि प्रधानमंत्री की आधुनिक, सतत और भविष्य‑उन्मुख अवसंरचना निर्माण की दृष्टि को दर्शाती है। पोर्ट ने कार्गो प्रति टन कार्बन तीव्रता को भी पिछले चार वर्षों में लगभग आधा कर दिया है।
कार्यक्रम में उन्होंने वीओसी पोर्ट स्थित केंद्रीय विद्यालय को राष्ट्र को समर्पित किया। यह विद्यालय 2026‑27 शैक्षणिक सत्र से पोर्ट स्कूल परिसर से संचालित होगा और पोर्ट कर्मचारियों, केंद्रीय सरकारी कर्मियों तथा स्थानीय समुदाय के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण सीबीएसई शिक्षा उपलब्ध कराएगा।
इस अवसर पर आईआईएम कलकत्ता का केस स्टडी 'द हाइड्रोजन पिवट: ऑर्केस्ट्रेटिंग द ग्रीन ट्रांजिशन एट वीओसी पोर्ट' भी जारी किया गया, जिसमें पोर्ट के पारंपरिक कार्गो हब से हरित ऊर्जा और सतत समुद्री केंद्र में रूपांतरण का विवरण है। इसमें भारत के पहले ग्रीन हाइड्रोजन पायलट प्रोजेक्ट का भी जिक्र है।
पोर्ट को स्कोप‑2 एमिशन फ्री पोर्ट का प्रमाणन भी मिला है, जो स्वच्छ ऊर्जा और कम‑कार्बन संचालन की दिशा में इसकी उपलब्धियों को मान्यता देता है।
इसके अलावा, वीओसी पोर्ट प्राधिकरण ने गती शक्ति विश्वविद्यालय, वडोदरा के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसके तहत शोध, नवाचार, लॉजिस्टिक्स शिक्षा, कौशल विकास और सतत पोर्ट संचालन में सहयोग होगा। इस साझेदारी से सेंटर ऑफ एक्सीलेंस इन मैरिटाइम लॉजिस्टिक्स एंड पोर्ट मैनेजमेंट की स्थापना का मार्ग प्रशस्त होगा।
कार्यक्रम में पोर्ट का पोर्ट जीपीटी मोबाइल एप्लिकेशन भी लॉन्च किया गया, जिससे वीओसी पोर्ट देश का पहला प्रमुख पोर्ट बन गया है जिसने एंटरप्राइज‑ग्रेड जनरेटिव एआई प्लेटफॉर्म को मोबाइल एप के जरिए उपलब्ध कराया है।
इस अवसर पर मंत्रालय के सचिव विजय कुमार, वीओसी पोर्ट प्राधिकरण के चेयरपर्सन सुशांत कुमार पुरोहित सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / प्रशांत शेखर