विकसित भारत-2047 के निर्माण में महिलाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण : ज्योतिरादित्य सिंधिया

युगवार्ता    28-Jun-2026
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लखपति दीदी सम्मान समारोह में समूह की महिलाओं के साथ सिंधिया का ग्रुप फोटो


- लखपति दीदी सम्मान समारोह में संघर्ष से समृद्धि तक की प्रेरक कहानियों से रूबरू हुए केंद्रीय मंत्री, महिलाओं के कार्यों की सराहना की

गुना, 28 जून (हि.स.)। केंद्रीय संचार एवं उत्तर-पूर्व क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि सपने केवल देखने के लिए नहीं होते, बल्कि उन्हें साकार भी किया जा सकता है। विकसित भारत-2047 के निर्माण में महिलाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। यदि किसी कार्य की जिम्मेदारी महिलाओं को दी जाए तो वे उसे और अधिक बेहतर ढंग से निभाती हैं।

केन्द्रीय मंत्री सिंधिया रविवार को मध्य प्रदेश के गुना जिले में जिज्जी की पंचायत रेस्टोरेंट में आयोजित लखपति दीदी सम्मान समारोह सह उन्मीकरण कार्यक्रम में संघर्ष से समृद्धि तक : लखपति दीदी की प्रेरक उड़ान को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने विभिन्न लखपति दीदियों से संवाद कर उनके संघर्ष, सफलता, आजीविका गतिविधियों और भविष्य की योजनाओं के बारे में जानकारी ली तथा उन्हें निरंतर आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया।

दीदियों से जाना सफलता का सफर

कार्यक्रम में सिंधिया ने महिलाओं से पूछा कि वे आजीविका मिशन से संबंधित कौन-कौन से कार्य करती हैं। इस पर दीदियों ने बताया कि अपनी रुचि के अनुसार विभिन्न आजीविका गतिविधियों से जुड़कर वे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनी हैं। भविष्य की योजनाओं के संबंध में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि निरंतर कार्य करते रहना, नए कौशल सीखना और एक से अधिक आजीविका गतिविधियों से जुड़े रहना ही उनकी प्राथमिकता है।

मीनाक्षी दीदी ने सुनाई संघर्ष से सफलता की कहानी

मीनाक्षी दीदी ने बताया कि पिछले दो वर्षों से वे आजीविका गतिविधियों से जुड़ी हैं और अब तक लगभग एक करोड़ रुपये का टर्नओवर कर चुकी हैं। उन्होंने कहा कि यह सफलता पूरी टीम के सहयोग से मिली है। उनके साथ लगभग 100 महिलाएं कार्य कर रही हैं। उनका सपना अपने बच्चों को अच्छे शिक्षण संस्थानों में पढ़ाना था। इसके लिए उन्होंने सिलाई सहित अन्य कौशल सीखे। उन्होंने बताया कि हवाई जहाज में यात्रा करने का उनका सपना भी आजीविका मिशन से जुड़ने के बाद पूरा हुआ।

कामिनी दीदी ने अन्य महिलाओं को भी बनाया आत्मनिर्भर

कामिनी दीदी ने बताया कि आजीविका मिशन से जुड़कर वे स्वयं लखपति दीदी बनीं और अनेक अन्य महिलाओं को भी आत्मनिर्भर बनाया। वे विभिन्न राज्यों में जाकर दीदियों को प्रशिक्षण भी देती हैं। उन्होंने अपनी पढ़ाई आगे बढ़ाई तथा अपने बच्चों को उच्च शिक्षा दिलाई। उन्होंने बताया कि उनके एक बेटे का सैनिक स्कूल में चयन भी हुआ है।

ड्रोन दीदी ने साझा किए अनुभव

ड्रोन दीदी किरण अहिरवार ने बताया कि स्वयं सहायता समूह से जुड़ने के बाद उन्होंने कृषि सखी के रूप में ग्वालियर एवं इंदौर में प्रशिक्षण प्राप्त किया। वर्तमान में वे स्क्वायर ट्रेनर के रूप में कार्य कर रही हैं और आधुनिक कृषि तकनीकों का प्रशिक्षण दे रही हैं।

महिलाओं के सशक्तिकरण पर दिया जोर

केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने कहा कि कार्यक्रम में उन्होंने जिन महिलाओं की कहानियां सुनीं, वे विकसित भारत की वास्तविक तस्वीर प्रस्तुत करती हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं का सशक्तीकरण परिवार, समाज और राष्ट्र की प्रगति का आधार है। प्रधानमंत्रीनरेन्द्र मोदी के विकसित भारत-2047 के संकल्प को पूरा करने में महिलाओं की निर्णायक भूमिका होगी।

उन्होंने डिजिटल भुगतान का उल्लेख करते हुए कहा कि जब उन्होंने मीनाक्षी दीदी को उत्पात के खरीदी पर नकद राशि देना चाही तो उन्होंने नकद की बजाय यूपीआई से भुगतान करने का आग्रह किया, जो डिजिटल भारत की सफलता का प्रतीक है। उन्होंने कामिनी दीदी द्वारा अन्य महिलाओं को प्रशिक्षित करने की सराहना करते हुए इसे अनुकरणीय बताया तथा किरण अहिरवार को भविष्य की आधुनिक भारत की महिला बताया। उन्होंने जैविक खेती को बढ़ावा देने और गांव-गांव किसानों को इसके लिए प्रेरित करने का भी आह्वान किया।

आजीविका मिशन की उपलब्धियों की दी जानकारी

इस अवसर पर राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन द्वारा बताया गया कि जिले में लगभग 10,600 स्वयं सहायता समूह गठित किए जा चुके हैं। इनके माध्यम से पांच कैंटीन, मध्यान्ह भोजन, शासकीय उचित मूल्य की दुकानें, मत्स्य पालन, गैर-कृषि आजीविका गतिविधियां, नर्सरी संचालन तथा गौशालाओं में गोबर से विभिन्न उत्पादों का निर्माण कराया जा रहा है। समूहों की महिलाओं को नियमित प्रशिक्षण दिया जा रहा है तथा उनके उत्पादों की बिक्री के लिए ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर भी पंजीयन कराया गया है।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर

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