
नई दिल्ली, 29 जून (हि.स.)। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने सोमवार को ‘सुमन रोडमैप 2030’ का शुभारंभ किया। यह रणनीतिक रोडमैप देशभर में मातृ एवं नवजात स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने और वर्ष 2030 तक सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) को हासिल करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
16वें सेंट्रल काउंसिल ऑफ हेल्थ एंड फैमिली वेलफेयर सम्मेलन के दौरान लॉन्च किए गए इस रोडमैप का उद्देश्य गर्भावस्था से पहले, गर्भावस्था, प्रसव और प्रसवोत्तर देखभाल तक महिलाओं और नवजात शिशुओं को बेहतर एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है।
विज्ञान भवन में आयोजित कार्यक्रम में स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि इस अभियान के तहत मातृ एवं नवजात मृत्यु दर अधिक वाले 13 राज्यों के 130 जिलों पर विशेष फोकस किया है। इनमें उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान, झारखंड, असम, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, हरियाणा, कर्नाटक, छत्तीसगढ़, पंजाब और उत्तराखंड शामिल हैं।
रोडमैप के तहत गर्भवती महिलाओं का समय पर पंजीकरण, नियमित प्रसवपूर्व जांच, उच्च जोखिम वाली गर्भावस्थाओं की पहचान, आशा कार्यकर्ताओं द्वारा घर-घर निगरानी, आपातकालीन रेफरल परिवहन, बर्थ वेटिंग होम, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य इकाइयों तथा आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत किया जाएगा।
इसके अलावा, जननी पोर्टल के माध्यम से डिजिटल निगरानी, एआई आधारित लेबर रूम, मातृ मृत्यु समीक्षा, पोषण कार्यक्रमों का विस्तार और समुदाय की भागीदारी बढ़ाने जैसे कदम भी उठाए जाएंगे।
सरकार का लक्ष्य वर्ष 2030 तक मातृ मृत्यु अनुपात (एमएमआर) को प्रति एक लाख जीवित जन्म पर 70 से नीचे लाना, नवजात एवं शिशु मृत्यु दर में और कमी लाना तथा देशभर में गुणवत्तापूर्ण मातृ एवं नवजात स्वास्थ्य सेवाओं की सार्वभौमिक उपलब्धता सुनिश्चित करना है।
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हिन्दुस्थान समाचार / विजयालक्ष्मी