वाराणसी में ब्रिक्स संस्कृति कार्य समूह की बैठक गुरुवार से, जीआई-ओडीओपी उत्पादों की होगी प्रदर्शनी

युगवार्ता    03-Jun-2026
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वाराणसी, 03 जून (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के वाराणसी में चार और पांच जून को ब्रिक्स संस्कृति कार्य समूह की दूसरी बैठक आयोजित हो रही है। यहां ताज होटल में प्रस्तावित इस बैठक में देश-विदेश के वरिष्ठ राजनयिक, नीति-निर्माता, सांस्कृतिक विशेषज्ञ एवं विशिष्ट प्रतिनिधि भाग लेंगे।

बैठक के दौरान काशी के विश्व प्रसिद्ध जीआई (भौगोलिक संकेत) टैग एवं ओडीओपी (एक जिला-एक उत्पाद) उत्पादों की विशेष प्रदर्शनी भी आयोजित की जाएगी। इस प्रदर्शनी में वाराणसी की समृद्ध शिल्प परंपरा के छह शिल्पियों के छह विशिष्ट उत्पाद प्रदर्शित करेंगे। प्रदर्शनी के माध्यम से विदेशी प्रतिनिधियों को न केवल इन उत्पादों की विशिष्टता से परिचित कराया जाएगा, बल्कि स्थानीय कलाकारों और कारीगरों को अपने उत्पादों को वैश्विक बाजार तक पहुंचाने का अवसर भी मिलेगा।

प्रदेश सरकार ने ओडीओपी और जीआई टैग उत्पादों के संरक्षण, विपणन और निर्यात को बढ़ावा देने के लिए अनेक योजनाएं संचालित की हैं। इन प्रयासों से हजारों शिल्पकारों, बुनकरों और कारीगरों को नई पहचान एवं रोजगार के अवसर प्राप्त हुए हैं। काशी के हस्तशिल्प उत्पाद आज देश ही नहीं बल्कि दुनिया के अनेक देशों में अपनी विशेष पहचान बना रहे हैं।

जीआई विशेषज्ञ पद्मश्री रजनीकांत इस बारे में कहते हैं कि ब्रिक्स देशों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति स्थानीय कलाकारों और उद्यमियों के लिए एक बड़ा अवसर लेकर आई है। विदेशी प्रतिनिधियों के समक्ष सीधे अपने उत्पादों का प्रदर्शन होने से निर्यात की संभावनाएं बढ़ेंगी। अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच का मार्ग प्रशस्त होगा। इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और काशी के पारंपरिक शिल्प को नई वैश्विक पहचान प्राप्त होगी।

नेशनल अवार्डी वाराणसी वुडेन लाखवेयर एंड टॉयज रामेश्वर सिंह ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय आयोजनों से बड़ा मंच मिलता है। ब्रिक्स में हैंडीक्राफ्ट के प्रदर्शन से शिल्पियों के हाथ के हुनर को लोकल से ग्लोबल मार्केट मिलेगा।

गुलाबी मीनाकारी के कलाकार, नेशनल अवार्डी कुंज बिहारी कहते हैं कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद जीआई एवं ओडीओपी उत्पादों के ब्रांड अंबेसडर हैं। इन्होंने प्रदेश के हस्तशिल्प को नई पहचान देते हुए प्राचीन मरती हुई कला को जीवित कर दिया है। इस प्रदर्शनी से वाराणसी के हैंडीक्राफ्ट उत्पादों का प्रचार-प्रसार होगा। देश-विदेश से आए विशिष्ट मेहमान काशी की इस कला से परिचित होंगे। हैंडीक्राफ्ट की बारीकियों को जानेंगे। इस मंच से ऑर्डर मिलेंगे, संभावनाएं बढ़ेंगी।

आर्टिजन ग्लास बिड्स के कलाकार दुर्गा प्रसाद पटेल कहते हैं कि देश की सांस्कृतिक विरासत को विश्व पटल पर रखने का मौका मिल रहा है। ऐसे अवसर देश की विरासत को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का मौका देते हैं।

प्रदर्शित होने वाले प्रस्तावित जीआई और ओडीओपी उत्पादों के नाम

बनारस गुलाबी मीनाकारी क्राफ्ट

बनारस ब्रोकेड एण्ड साड़ी

वाराणसी सॉफ्ट स्टोन जाली वर्क

वाराणसी वुडेन लाखवेयर एंड टॉयज

बनारस मेटल रिपोजी क्राफ्ट

बनारस ग्लास बीड्स

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हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी

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