नई दिल्ली, 04 जून (हि.स.)। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर कला और तकनीक के अनूठे संगम के जरिए पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया जाएगा। दिल्ली स्थित इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र (आईजीएनसीए) में शुक्रवार को एक विशेष पेपरलेस मल्टीमीडिया प्रस्तुति ‘ग्रीन ड्रीम्स : ईको डिजिटल स्टोरीज' का आयोजन किया जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य रचनात्मक और डिजिटल माध्यम से जनसामान्य को सतत जीवनशैली के प्रति जागरूक करना है।
आईजीएनसीए के अनुसार इस प्रस्तुति में पर्यावरण, प्रकृति और इंसानी संवेदनाओं को जोड़ती दो बेहद प्रभावशाली डिजिटल कहानियों को दिखाया जाएगा। ये कहानियां भोपाल के 'एकलव्य प्रकाशन' की पुस्तकों पर आधारित हैं, जिन्हें आधुनिक डिजिटल तकनीक के जरिए एक नए और संवेदनशील रूप में ढाला गया है। पहली कहानी लूप/चक्कर है। यह एक गैर-शाब्दिक यात्रा है। इसमें दिखाया गया है कि कैसे एक छोटा सा बीज विकसित होकर विशाल जंगल बनता है और किस तरह मानवीय हस्तक्षेप उस प्राकृतिक व्यवस्था में व्यवधान पैदा करता है।
दूसरी कहानी साइकिल का सपना है। यह कहानी पर्यावरण चेतना और स्थिरता पर आधारित है। इसमें एक साइकिल के सपनों और अंततः प्रकृति के पक्ष में उसके फैसले को बेहद मार्मिक ढंग से पेश किया गया है। कला, लोककथाओं और डिजिटल तकनीक के मिश्रण से पर्यावरणीय जागरूकता को समाज में गहराई तक पहुंचाया जा सकता है। यह विशेष प्रदर्शनी 5-12 जून तक चलेगी। दर्शकों के लिए प्रतिदिन सुबह 10 से शाम 07 बजे तक खुली रहेगी। आम जनता के लिए प्रवेश निःशुल्क है। आईजीएनसीए के अनुसार यह कार्यक्रम दर्शकों को प्रकृति के साथ अपने रिश्तों को नए नजरिए से देखने और पर्यावरण-अनुकूल जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करेगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / श्रद्धा द्विवेदी