वाराणसी में ब्रिक्स संस्कृति कार्य समूह की दूसरी बैठक शुरू, सांस्कृतिक सहयोग और विरासत संरक्षण पर मंथन

युगवार्ता    04-Jun-2026
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कल्चरल वर्किंग ग्रुप-सीडब्ल्यूजी का उद्घाटन समारोह


कल्चरल वर्किंग ग्रुप-सीडब्ल्यूजी का उद्घाटन समारोह


-पारंपरिक दीप प्रज्ज्वलन के साथ बैठक का हुआ शुभारंभ- रूस, इथियोपिया और मिस्र के प्रतिनिधि भी हाइब्रिड माध्यम से जुड़े

वाराणसी, 04 जून (हि.स.)। उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक एवं धार्मिक नगरी वाराणसी में गुरुवार से ब्रिक्स संस्कृति कार्य समूह की दूसरी बैठक कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच नदेसर स्थित तारांकित होटल में शुरू हुई। बैठक का शुभारंभ पारंपरिक रूप ओ दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया। बैठक के दौरान ब्रिक्स देशों के प्रतिनिधियों ने भारत द्वारा संस्कृति ट्रैक के अंतर्गत निर्धारित प्राथमिकताओं पर विचार-विमर्श किया, जिनमें रचनात्मक अर्थव्यवस्था (क्रिएटिव इकोनॉमी), सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण तथा संस्कृति-आधारित सतत विकास प्रमुख विषय रहे।

भारत की अध्यक्षता में आयोजित इस दो दिवसीय महत्वपूर्ण बैठक में ब्रिक्स के 11 सदस्य देशों के प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं। बैठक में ब्राजील, रूस, चीन, दक्षिण अफ्रीका, मिस्र, इथियोपिया, ईरान, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), इंडोनेशिया तथा भारत के प्रतिनिधि शामिल हैं। रूस, इथियोपिया और मिस्र के प्रतिनिधि हाइब्रिड माध्यम से बैठक में जुड़ रहे हैं। भारत की ओर से संस्कृति मंत्रालय के सचिव विवेक अग्रवाल बैठक की अध्यक्षता कर रहे हैं।

बैठक के दौरान सदस्य देशों के बीच सांस्कृतिक साझेदारी को सुदृढ़ बनाने, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के सांस्कृतिक क्षेत्र में उपयोग, जलवायु परिवर्तन के प्रभावों, विरासत संरक्षण, सांस्कृतिक आदान-प्रदान, संग्रहालयों और अभिलेखागार के विकास सहित वैश्विक एवं क्षेत्रीय महत्व के समकालीन विषयों पर व्यापक चर्चा होगी। यह बैठक ब्रिक्स देशों के बीच सांस्कृतिक सहयोग को सुदृढ़ करने तथा साझा पहलों को आगे बढ़ाने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच के रूप में कार्य कर रही है। गौरतलब है कि पहला ब्रिक्स शिखर सम्मेलन वर्ष 2009 में रूस के येकातेरिनबर्ग में आयोजित किया गया था। वर्ष 2024 में मिस्र, इथियोपिया सहित अन्य देशों के शामिल होने के बाद संगठन का विस्तार हुआ। वर्तमान में ब्रिक्स विश्व की 11 प्रमुख उभरती अर्थव्यवस्थाओं का प्रतिनिधित्व करता है और वैश्विक आर्थिक तथा सांस्कृतिक सहयोग के महत्वपूर्ण मंच के रूप में उभरा है।

बैठक में भाग लेने के लिए सदस्य देशों के प्रतिनिधि बुधवार को ही वाराणसी पहुंच गए थे। सबसे पहले चीन के दो और ब्राजील के एक प्रतिनिधि दोपहर करीब 11:30 बजे दिल्ली से इंडिगो की उड़ान द्वारा बाबतपुर स्थित लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पहुंचे। इसके बाद दोपहर तीन बजे छह अन्य प्रतिनिधि पहुंचे, जिनमें यूएई के दो और दक्षिण अफ्रीका के एक प्रतिनिधि शामिल थे। शेष प्रतिनिधियों का आगमन रात्रि में हुआ। विदेशी मेहमानों के स्वागत के लिए स्थानीय प्रशासन ने विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रमों की व्यवस्था की थी। बाबतपुर हवाई अड्डे पर अयोध्या से आए कलाकारों ने प्रसिद्ध फरुवाही नृत्य प्रस्तुत किया। इसके अलावा मुनारी मोड़ पर बधावा लोकनृत्य, गिलट बाजार तिराहे पर गाजीपुर का प्रसिद्ध धोबिया नृत्य तथा कचहरी स्थित आंबेडकर चौराहे पर ढेढ़िया लोकनृत्य के माध्यम से अतिथियों का स्वागत किया गया।

नदेसर स्थित होटल में भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के सचिव विवेक अग्रवाल तथा जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने प्रतिनिधियों की अगवानी कर उनका स्वागत किया।

हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी

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