

नई दिल्ली, 09 जून (हि.स.)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के लगातार 4,399 दिन के कार्यकाल पूरे होने के अवसर पर पूर्व प्रधानमंत्री एच.डी. देवेगौड़ा और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने अपने-अपने लेखों के माध्यम से उनके नेतृत्व, शासन मॉडल और देश में हुए बदलावों का उल्लेख किया है। दोनों नेताओं ने भारत की आर्थिक प्रगति, सामाजिक समावेशन, तकनीकी विकास और लोकतांत्रिक मजबूती को इस दौर की प्रमुख उपलब्धियां बताया।
पूर्व प्रधानमंत्री एच.डी. देवेगौड़ा ने अपने लेख में प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल का लोकतांत्रिक दृष्टिकोण से विश्लेषण किया। उन्होंने कहा कि मोदी देश के सबसे लंबे समय तक लगातार सेवा देने वाले लोकतांत्रिक रूप से निर्वाचित प्रधानमंत्री बन चुके हैं और इस मामले में उन्होंने जवाहरलाल नेहरू के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है।
देवेगौड़ा ने भारत के लोकतांत्रिक विस्तार को दर्शाते हुए बताया कि 1952 के पहले आम चुनाव में जहां केवल 53 राजनीतिक दल और लगभग 17 करोड़ मतदाता थे, वहीं 2024 के लोकसभा चुनाव में 2,593 राजनीतिक दलों ने भाग लिया और देश की जनसंख्या 146 करोड़ से अधिक हो चुकी है।
देवेगौड़ा ने कहा कि वर्तमान केंद्रीय मंत्रिमंडल सामाजिक प्रतिनिधित्व के लिहाज से अधिक व्यापक और समावेशी है। उन्होंने उल्लेख किया कि मोदी मंत्रिमंडल में 27 अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी), 10 अनुसूचित जाति (एससी) और 5 अनुसूचित जनजाति (एसटी) समुदायों के मंत्री शामिल हैं।
उन्होंने नारी शक्ति वंदन अधिनियम (महिला आरक्षण विधेयक) को महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी बढ़ाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया। उनके अनुसार, यह कानून संसद और विधानसभाओं में महिलाओं के प्रतिनिधित्व को मजबूत करने का मार्ग प्रशस्त करेगा।
देवेगौड़ा ने कहा कि सोशल मीडिया के वर्तमान दौर में सार्वजनिक जीवन की आलोचनाएं अधिक व्यक्तिगत और तीखी हो गई हैं, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी लगातार सक्रिय रहते हुए देश को दिशा देने का कार्य कर रहे हैं। उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दों पर प्रधानमंत्री के दृढ़ नेतृत्व और ‘मन की बात’ जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से जनता से सीधे संवाद को भी महत्वपूर्ण बताया।
जबकि, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने अपने लेख में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘नेशन फर्स्ट’ (राष्ट्र सर्वोपरि) और ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास’ के मंत्र को भारत के विकास का आधार बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने भारत की सांस्कृतिक विरासत और सभ्यतागत गौरव को आधुनिक प्रशासन और तकनीक के साथ जोड़कर विकास का नया मॉडल प्रस्तुत किया है।
नायडू के अनुसार, पिछले 12 वर्षों में भारत ने उल्लेखनीय आर्थिक प्रगति की है। देश विश्व की 11वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था से आगे बढ़कर चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है। उन्होंने डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (डीपीआई), जनधन योजना, आधार और यूपीआई को वित्तीय समावेशन की दिशा में ऐतिहासिक पहल बताया।
मुख्यमंत्री नायडु ने कहा कि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) प्रणाली के माध्यम से 51 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में पहुंचाई गई, जिससे बिचौलियों की भूमिका समाप्त हुई और सरकारी योजनाओं की पारदर्शिता बढ़ी।
नायडू ने कहा कि मोदी सरकार के दौरान राजमार्गों, रेलवे, बंदरगाहों, हवाई अड्डों और नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में बड़े पैमाने पर निवेश किया गया। उन्होंने ‘प्रतिस्पर्धी और सहकारी संघवाद’ की अवधारणा को केंद्र और राज्यों के बीच बेहतर समन्वय का आधार बताया।
उनके अनुसार, इस नीति का लाभ आंध्र प्रदेश को भी मिला है। अमरावती परियोजना, औद्योगिक विकास, बुनियादी ढांचा विस्तार और नई तकनीकों के क्षेत्र में राज्य को केंद्र सरकार के सहयोग से महत्वपूर्ण प्रगति प्राप्त हुई है।
नायडू ने कहा कि इतिहास इस दौर को केवल आर्थिक विकास या राजनीतिक स्थिरता के लिए नहीं, बल्कि भारत के आत्मविश्वास की पुनर्स्थापना और ‘विकसित भारत 2047’ के संकल्प के लिए भी याद रखेगा।
दोनों नेताओं ने अपने लेखों में इस बात पर बल दिया कि प्रधानमंत्री मोदी का 12 वर्षों का कार्यकाल केवल राजनीतिक स्थिरता का प्रतीक नहीं है, बल्कि आत्मनिर्भर भारत, तकनीकी प्रगति, सामाजिक समावेशन और वैश्विक मंच पर भारत की बढ़ती प्रतिष्ठा का भी प्रतिनिधित्व करता है। उनके अनुसार यह कालखंड भारत के विकास इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय के रूप में दर्ज होगा, जिसने देश को आत्मविश्वास, आधुनिकता और वैश्विक नेतृत्व की नई दिशा प्रदान की है।------------
हिन्दुस्थान समाचार / श्रद्धा द्विवेदी