भगवान बिरसा मुंडा के शहादत दिवस पर देशभर में श्रद्धांजलि, शीर्ष नेताओं ने ‘धरती आबा’ के योगदान को किया याद

युगवार्ता    09-Jun-2026
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भगवान बिरसा मुंडा (फाइल फोटो)।


नई दिल्ली, 09 जून (हि.स.)। जनजातीय समाज के महानायक और धरती आबा के नाम से विख्यात भगवान बिरसा मुंडा के शहादत दिवस पर उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह समेत शीर्ष नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके संघर्ष, बलिदान और आदिवासी अधिकारों के लिए किए गए योगदान को याद किया।

उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने एक्स पर पोस्ट कर भगवान बिरसा मुंडा को साहस, स्वाभिमान और न्याय के प्रति अटूट प्रतिबद्धता का प्रतीक बताते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि ऐतिहासिक उलगुलान के माध्यम से बिरसा मुंडा ने उत्पीड़न के विरुद्ध प्रतिरोध की भावना जगाई और आदिवासी समुदायों को अपने अधिकारों, पहचान और सम्मान की रक्षा के लिए प्रेरित किया। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि झारखंड के राज्यपाल और बाद में उपराष्ट्रपति के रूप में कार्यभार संभालने के पहले दिन उन्हें बिरसा मुंडा के जन्मस्थान उलिहातु में श्रद्धांजलि अर्पित करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ था।

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने भगवान बिरसा मुंडा को जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए अपना जीवन समर्पित करने वाला महान जननायक बताते हुए कहा कि आदिवासी समाज की सांस्कृतिक पहचान और अधिकारों की रक्षा के लिए उनका संघर्ष भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन का गौरवशाली अध्याय है।

केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि बिरसा मुंडा ने उलगुलान आंदोलन के माध्यम से अंग्रेजी शासन के खिलाफ आजादी का शंखनाद किया था। उन्होंने आदिवासी समाज को अपने अधिकारों और विरासत की रक्षा के लिए संगठित किया तथा जल, जंगल और जमीन के संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप दिया।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने उन्हें स्वाधीनता के लिए अंतिम सांस तक संघर्ष करने वाला जननायक बताते हुए कहा कि विदेशी शासन, अन्याय और शोषण के विरुद्ध उनका संघर्ष आज भी राष्ट्र को प्रेरित करता है।

केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्यण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बिरसा मुंडा को स्वाधीनता संग्राम का महानायक बताते हुए कहा कि उनका जीवन देश के लिए प्रेरणा का अमर स्रोत है। वहीं केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह और मनोहर लाल ने भी उनके बलिदान और राष्ट्रभक्ति को याद करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की।

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने कहा कि बिरसा मुंडा का अंग्रेजी शासन के खिलाफ संघर्ष और आदिवासी अधिकारों के लिए उनका जनजागरण अभियान स्वतंत्रता संग्राम का महत्वपूर्ण अध्याय रहा है।

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि जल, जंगल, जमीन और आदिवासी अस्मिता की रक्षा के लिए बिरसा मुंडा द्वारा छेड़ा गया उलगुलान आज भी देशवासियों को प्रेरित करता है।

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने बिरसा मुंडा को आदिवासी अस्मिता और अधिकारों का महानायक बताते हुए कहा कि उनका संघर्ष और विचारधारा न्याय, समानता और वंचित समुदायों के अधिकारों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी उन्हें सादर नमन करते हुए आदिवासी अधिकारों की रक्षा के उनके संघर्ष को याद किया।

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि जनजातीय अस्मिता तथा जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए ब्रिटिश हुकूमत के विरुद्ध उनके नेतृत्व में हुआ ऐतिहासिक उलगुलान भारतीय स्वतंत्रता संग्राम का अमर अध्याय है। उनका अदम्य साहस, संघर्ष और सर्वोच्च बलिदान कृतज्ञ राष्ट्र सदैव स्मरण रखेगा।

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उन्होंने जल-जंगल-जमीन की रक्षा और राष्ट्र की स्वाधीनता के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर कर दिया। जनजातीय समाज की अस्मिता व संस्कृति के संरक्षण के लिए भी निरंतर संघर्षशील रहे।

आम आदमी पार्टी (आआपा) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा कि अत्याचारी ब्रिटिश शासन और शोषकों के विरुद्ध 'उलगुलान' का उद्घोष करने वाले, 'धरती आबा' भगवान बिरसा मुंडा की पुण्यतिथि पर उन्हें नमन। उन्होंने कहा कि जल, जंगल और ज़मीन की रक्षा में समर्पित उनका जीवन एवं विचार आज भी हम सभी के लिए प्रेरणा के स्रोत हैं।

उल्लेखनीय है कि उल्लेखनीय है कि भगवान बिरसा मुंडा (15 नवंबर 1875 – 9 जून 1900) ने मात्र 25 वर्ष की आयु में रांची जेल में अंग्रेजों की कैद में अंतिम सांस ली थी। उन्हें 'धरती आबा' (पृथ्वी के पिता) के रूप में भी जाना जाता है। ---------------

हिन्दुस्थान समाचार / माधवी त्रिपाठी

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