राष्ट्रीय कैंपा की 7वीं बैठक में डॉल्फिन, हिम तेंदुआ, गैंडा और जंगली जल भैंस संरक्षण की नई परियोजनाओं को मंजूरी

युगवार्ता    10-Jul-2026
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कैंपा की बैठक में केन्द्रीय मंत्री भूपेन्द्र यादव


नई दिल्ली, 10 जुलाई (हि.स.)। केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव की अध्यक्षता में गुरुवार को कोयंबटूर स्थित सीएएसएफओएस में राष्ट्रीय प्रतिपूरक वनीकरण निधि प्रबंधन एवं योजना प्राधिकरण (कैंपा) के शासी निकाय की 7वीं बैठक आयोजित हुई। बैठक में राष्ट्रीय कैंपा के कार्यों की समीक्षा करते हुए वन संरक्षण, वनीकरण और वन्यजीव संरक्षण से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।

बैठक में डॉल्फिन, हिम तेंदुआ, भारतीय गैंडा और जंगली जल भैंस के संरक्षण के लिए चार नई राष्ट्रीय परियोजनाओं को स्वीकृति दी गई। इसके अलावा मणिपुर के दुर्लभ सांगाई हिरण के संरक्षण को भी जारी रखने का निर्णय लिया गया।

शासी निकाय ने वर्ष 2026-27 से डिजिटल वार्षिक परिचालन योजना लागू करने की सराहना की, जिसके तहत सभी राज्य और केंद्रशासित प्रदेश अपनी योजनाएं पूरी तरह ऑनलाइन तैयार और प्रस्तुत करेंगे। साथ ही कैंपा की परियोजनाओं की निगरानी के लिए जीआईएस आधारित आधुनिक मॉनिटरिंग प्रणाली स्थापित करने की प्रगति की भी समीक्षा की गई।

बैठक में मैंग्रोव संरक्षण के लिए चल रही मिष्टी योजना का दायरा बढ़ाते हुए इसे वर्ष 2029 तक विस्तार देने और कुल 600 करोड़ रुपये के परिव्यय को मंजूरी दी गई। वहीं नगर वन योजना के तहत अब तक 652 नगर वन एवं वाटिकाएं विकसित किए जाने की जानकारी दी गई।

शासी निकाय ने आस्था वन संरक्षण योजना को भी मंजूरी दी।

इस योजना के तहत अगले पांच वर्षों में लगभग 3,000 करोड़ रुपये की लागत से देशभर के करीब 15,000 पवित्र (आस्था) वनों के संरक्षण और पुनर्स्थापन का कार्य किया जाएगा। इसके अलावा भूमि क्षरण रोकने और जैव विविधता संरक्षण के लिए एक नई राष्ट्रीय योजना को भी स्वीकृति प्रदान की गई।

बैठक में केंद्रीय राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह, मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी और शासी निकाय के अन्य सदस्य भी उपस्थित रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / विजयालक्ष्मी

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